अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के प्रति समर्थन जताने के लिए प्रदर्शन किया। वाशिंगटन के सिएटल शहर में लोगों ने सीएए के समर्थन में पोस्टर लेकर नारे लगाए। साथ ही इन लोगों ने इसे बेहद ही जरूरी कदम बताया।
लोगों के हाथों में पोस्टर थे और वे सीएए के समर्थन में नारे लगा रहे थे। इन पोस्टरों पर लिखा हुआ था कि 'सीएए सम्मिलित करने वाला है ना कि भेदभाव करने वाला', 'सीएए सताए गए अल्पसंख्यकों के लिए हैं'।
शिकागो में भी लोगों ने निकाली सीएए के समर्थन में रैली
अमेरिका के शिकागो में भी भारतीय मूल के लोगों ने सीएए के समर्थन में रैली निकली। लोगों ने हाथों में सीएए के समर्थन में पोस्टर लिए हुए थे। इन लोगों ने सीएए के समर्थन में नारे भी लगाए। इन पोस्टरों में लिखा हुआ था, 'सीएए एक प्रगतिशील कानून है', 'अल्पसंख्यकों का दमन बंद करो', 'सीएए सबसे ज्यादा उदारवादी कानून है'।
गौरतलब हो कि इससे पहले भी अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के प्रति समर्थन जताने के लिए विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम किया था और सीएए को भारत सरकार की तरफ से उठाया गया ऐतिहासिक कदम करार दिया।
भारतीय-अमेरिकियों का एक समूह टाइम्स स्कॉयर पर एकत्र हुआ था। उनके हाथ में पोस्टर थे और वे सीएए और नरेंद्र मोदी सरकार के समर्थन में नारे लगा रहे थे।
इन पोस्टरों पर लिखा था कि 'सीएए मानवाधिकारों के बारे में है', 'हम सम्मान के साथ जीने के अल्पसंख्यकों के अधिकार का समर्थन करते हैं', 'प्रवासी भारतीय सीएए का समर्थन करते हैं' और 'सीएए पारदर्शी एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पारित किया गया है'। उन्होंने 'हम मोदी का समर्थन करते हैं' और 'हम सीएए का समर्थन करते हैं' जैसे नारे लगाए।
सीएए के मुताबिक हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और इसाई समुदाय के जो लोग धार्मिक प्रताड़ना के चलते पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आ गए हैं, उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी।