सिंगापुर के लोग एक सितंबर को नौंवें राष्ट्रपति के लिए मतदान करेंगे। सिंगापुर में राष्ट्रपति पद की दौड़ में भारतीय मूल के थरमन षणमुगरत्नम भी शामिल हैं जिनको लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि वह चुनाव जीत सकते हैं। इस पहले वह सिंगापुर में मंत्री रह चुके हैं।
थरमन ने पिछले महीने औपचारिक रूप से राष्ट्रपति पद के लिए अपना अभियान शुरू किया था। उन्होंने सिंगापुर की संस्कृति को विकसित करने और दुनिया में इसे एक 'चमकता सितारा' बनाए रखने का संकल्प लिया था। सिंगापुर में सितंबर 2023 में इसलिए चुनाव हो रहे हैं, क्योंकि राष्ट्रपति हलीमा याकूब का कार्यकाल 13 सितंबर को समाप्त हो रहा है।
तीन उम्मीदवारों में से एक
भारतीय मूल के थरमन षणमुगरत्नम सिंगापुर में सख्त मानदंडों के तहत चुने गए तीन उम्मीदवारों में से एक हैं। सिंगापुर में राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए कड़ी योग्यता प्रक्रिया है। यह पिछले कुछ वर्षों में सिंगापुर का पहला राष्ट्रपति चुनाव होगा।
11 अगस्त को, सिंगापुर की सरकार ने कहा था कि यदि एक से अधिक व्यक्ति सर्वोच्च पद के लिए चुनाव लड़ने के योग्य होंगे तो वह एक सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव कराएगा। चीनी मूल के सिंगापुरवासी एनजी कोक सोंग और टैन किन लियान अन्य दो दावेदार हैं। एनजी सोंग सिंगापुर सरकार निवेश निगम (जीआईसी) के पूर्व मुख्य निवेश अधिकारी और पूर्व एनटीयूसी आय प्रमुख हैं।
कौन हैं थरमन षणमुगरत्नम?
2001 में राजनीति में शामिल होने से पहले थरमन सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण में एक अर्थशास्त्री और एक लोक सेवक थे। उन्होंने शिक्षा और वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया है और 2011 से 2019 तक उप प्रधान मंत्री के पद पर रहे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व आर्थिक मंच और संयुक्त राष्ट्र सहित कई वैश्विक संगठनों में प्रमुख पदों पर भी कार्य किया है।
राष्ट्रपति हलीमा का कार्यकाल 13 सितंबर को होगा समाप्त
राष्ट्रपति हलीमा ने 29 मई को घोषणा की थी कि वह दूसरा कार्यकाल नहीं लेंगी। वह देश की आठवीं और पहली महिला राष्ट्रपति हैं। उनका छह साल का कार्यकाल इस साल 13 सितंबर को समाप्त हो रहा है। 2017 का राष्ट्रपति चुनाव एक आरक्षित चुनाव था जिसमें केवल मलय समुदाय के सदस्यों को चुनाव लड़ने की अनुमति थी। हलीमा को तब राष्ट्रपति नामित किया गया था क्योंकि कोई अन्य उम्मीदवार नहीं था।