रूस के सुदूर पूर्वी कामचटका प्रायद्वीप में एक ज्वालामुखी में रविवार तड़के विस्फोट हुआ। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सैकड़ों वर्षों में पहली बार हुआ है। यह विस्फोट एक 8.8 तीव्रता के भूकंप के कुछ दिनों बाद हुआ।
क्राशेनिनिकोव नामक इस ज्वालामुखी से छह किलोमीटर ऊंचाई तक राख का गुबार उठा। यह जानकारी क्रोनोत्स्की रिजर्व के कर्मचारियों ने दी, जहां यह ज्वालामुखी स्थित है। सरकारी मीडिया की ओर से जारी की गई तस्वीरों में ज्वालामुखी के ऊपर घने राख के बादल उठते हुए दिखाई दिए।
कामचटका के आपातकालीन सेवा मंत्रालय ने टेलीग्राम पर बताया कि ज्वालामुखी से उठी राख की धारा पूर्व दिशा में प्रशांत महासागर की ओर फैल रही है। इसके रास्ते में कोई भी आबादी वाला क्षेत्र नहीं है और अब तक किसी रिहायशी इलाके में राख गिरने की सूचना नहीं है।
ये भी पढ़ें:
IDF के हमले में मारे गए 20 से अधिक फलस्तीनी, भूख से संघर्ष के बीच मौत का तांडव; अब तक 60 हजार+ मौतें
इस विस्फोट के साथ 7.0 तीव्रता का भूकंप भी दर्ज किया गया। कामचटका के तीन क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। हालांकि बाद में रूस के आपात सेवा मंत्रालय ने यह चेतावनी वापस ले ली।
रूसी सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती से बात करते हुए कामचटका ज्वालामुखी विस्फोट प्रतिक्रिया दल के प्रमुख ओल्गा गिरिना ने बताया, क्राशेनीनिकोव ज्वालामुखी में 600 वर्षों में यह विस्फोट हुआ, जिसकी वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है। हालांकि, अमेरिका स्थित स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन के वैश्विक ज्वालामुखीय कार्यक्रम के अनुसार, क्राशेनीनिकोव का पिछला विस्फोट 475 साल पहले वर्ष 1550 में हुआ था। दोनों जानकारियों में यह अंतर क्यों है, इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
ये भी पढ़ें:
सीरिया के स्वेदा और अलेप्पो में फिर भड़की हिंसा, ड्रूज सशस्त्र गुटों और सरकारी बलों के बीच झड़प
रविवार देर शाम कामचटका ज्वालामुखीय विस्फोट प्रतिक्रिया टीम ने बताया कि ज्वालामुखी की सक्रियता अब घट रही है, लेकिन मध्यम स्तर की विस्फोटक गतिविधि अभी भी जारी रह सकती है।
यह ज्वालामुखी विस्फोट उस समय हुआ है, जब रूस के सुदूर पूर्व में बुधवार तड़के एक 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप के कारण जापान और अलास्का में छोटे सूनामी की लहरें देखी गईं और हवाई, उत्तर और मध्य अमेरिका और न्यूजीलैंड की ओर दक्षिण में स्थित प्रशांत द्वीपों के लिए चेतावनी जारी की गई थी।