रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संवैधानिक सुधारों से जुड़े कानून पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अब इसका फैसला जनता वोटिंग के जरिए करेगी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को प्रस्तावित संवैधानिक सुधारों से जुड़े कानून पर दस्तखत कर दिए। इन संशोधनों से राष्ट्रपति के तौर पर उनके दो और कार्यकालों का भी रास्ता साफ हो जाएगा यानी वह 2036 तक राष्ट्रपति बने रह सकते हैं। राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने संवैधानिक सुधार से जुड़े 68 पेज के कानून को अपनी वेबसाइट पर छापा है।
हालांकि, इस कानून को अब रूस की संवैधानिक अदालत में भेजा जाएगा जो एक हफ्ते के भीतर फैसला करेगी कि इसे मंजूरी दी जाए या नहीं। इसके बाद कानून पर रूसी नागरिक वोटिंग करेंगे। क्रेमलिन ने वोटिंग के लिए 22 अप्रैल की तारीख तय की है। रूसी सीनेट के स्पीकर वेलेंटीना मैट्विंको ने बताया कि कोरोना वायरस की चिंताओं के बावजूद वोटिंग होगी। हालांकि ऐसी भी चर्चाएं हैं कि क्रेमलिन ऑनलाइन वोटिंग का फैसला ले सकती है, जबकि विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं।
मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था के तहत पुतिन 2024 तक ही राष्ट्रपति रहेंगे
मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था के तहत पुतिन 2024 तक राष्ट्रपति रहेंगे और उसके बाद उन्हें इस्तीफा देना होगा। इसके बाद वह नई व्यवस्था के तहत छह साल के दो और कार्यकाल पूरे करेंगे। बता दें कि पुतिन ने वैसे तो इस साल की शुरुआत में ही कहा था कि वह संविधान में संशोधन करेंगे लेकिन वह इस बात से इनकार करते रहे कि वे प्रस्तावित बदलाव अपने कार्यकाल को बढ़ाने के लिए करने वाले हैं।