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Russia: रूस दुनिया की पहली बंद ईंधन चक्र वाली परमाणु ऊर्जा प्रणाली शुरू करेगा, 2030 तक रखा लक्ष्य

Fri, 26 Sep 2025 03:04 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को

सार

रूस 2030 तक दुनिया की पहली बंद ईंधन चक्र परमाणु ऊर्जा प्रणाली शुरू करेगा। इसमें इस्तेमाल हुआ ईंधन कई बार उपयोग होगा, जिससे यूरेनियम की जरूरत कम और रेडियोधर्मी कचरे की समस्या हल होगी। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नए निवेश मॉडल की भी बात की।
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रूस के राष्ट्रपति पुतिन - फोटो : ANI
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विस्तार
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार (स्थानीय समयानुसार) को घोषणा की कि रूस 20230 तक दुनिया की पहली बंद ईंधन चक्र वाली परमाणु ऊर्जा प्रणाली शुरू करेगा। इसका मतलब यह है कि इस्तेमाल हुआ ईंधन कई बार पुन: उपयोग किया जा सकेगा और यूरेनियम की जरूरत बहुत कम हो जाएगी। 

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पुतिन ने यह घोषणा वर्ल्ड एटॉमिक वीक फोरम में की, जिसमें अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी समेत कई विश्व नेता मौजूद थे। उन्होंने कहा, '2030 की शुरुआत में, हम रूस के टॉम्स्क क्षेत्र में बंद ईंधन चक्र वाली दुनिया की पहली परमाणु ऊर्जा प्रणाली शुरू करने की योजना बना रहे हैं। यह रूसी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की एक क्रांतिकारी उपलब्धि है।'

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रेडियोधर्मी कचरे की समस्या होगी खत्म
राष्ट्रपति पुतिन ने बताया कि इस्तेमाल हुए ईंधन का लगभग 95 फीसदी हिस्सा कई बार रिएक्टर में उपयोग किया जाएगा। इसके कारण रेडियोधर्मी कचरे की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी और यूरेनियम की आपूर्ति की चिंता भी कम हो जाएगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों को सहयोग करने का भी आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण के लिए वित्तपोषण के लिए आधुनिक मॉडल विकसित करना और ऐसी परियोजनाओं में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और विकास बैंकों को शामिल करना आवश्यक है।'

परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण के लिए संसाधनों की जरूरत
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण संसाधनों की आवश्यकता होती है, जिसका अर्थ है कि ऐसी परियोजनाओं में मुख्य प्रतिभागियों, अर्थात देशों, निवेशकों और उपभोक्ताओं के बीच जोखिम और लाभों का संतुलन होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं इस संबंध में यह जोड़ना चाहूंगा कि इस वर्ष की शुरुआत में ब्रिक्स देशों द्वारा गठित न्यू डेवलपमेंट बैंक ने परमाणु परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए अपनी तत्परता की पुष्टि की थी। जबकि पिछले वर्ष के अंत में, रूस की पहल पर, ब्रिक्स देशों के प्रयासों के समन्वय के लिए एक तंत्र, परमाणु ऊर्जा पर एक मंच बनाया गया था।'
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फोरम में 100 से ज्यादा देशों के 20 हजार प्रतिनिधि शामिल
वर्ल्ड एटॉमिक वीक रूस के परमाणु उद्योग की 80वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय फोरम है। इस फोरम में 100 से ज्यादा देशों के लगभग 20,000 प्रतिनिधि शामिल हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA), विश्व परमाणु संघ (WNA) और विश्व परमाणु संचालक संघ (WANO) के मंत्री, व्यापारिक नेता, वैज्ञानिक और वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन में भाग लेने वाले अन्य लोगों में बेलारूसी नेता अलेक्जेंडर लुकाशेंको, म्यांमार के कार्यवाहक राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग, अर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, IAEA के महानिदेशक ग्रॉसी के अलावा मिस्र, ईरान, नाइजर और उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधि शामिल हैं।

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