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झड़प: यरुशलम में फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों ने इस्राइली पुलिस पर फेंके पत्थर, कार्रवाई में 163 लोग घायल

Sat, 08 May 2021 08:51 AM IST
प्रियंका तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम

सार

फिलिस्तीनियों ने पुलिस पर पत्थर, बोतलें और आतिशबाजी फेंककर हमला किया। वहीं जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फिलिस्तीनियों पर रबर की गोलियां और ग्रेनेड दागे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इस्राइल में हिंसक झड़प होने की खबर आई है। यहां यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद परिसर के बाहर शुक्रवार (7 मई) की देर रात सैकड़ों फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों और इस्राइल पुलिस में भीषण टकराव हो गया। फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरों व बोतलों से हमला किया। वहीं जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फिलिस्तीनियों पर रबर की गोलियां और ग्रेनेड दागे।

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इस्लाम के तीसरे सबसे पवित्र स्थान और पुराने यरुशलम के आसपास हुई इस हिंसक झड़प में कम से कम 163 फिलिस्तीनियों और छह इस्राइली पुलिस अधिकारियों के घायल होने की सूचना मिली है। फिलिस्तीन रेड क्रिसेंट एम्बुलेंस सेवा ने बताया कि रबर बुलेट्स से घायल हुए 88 फिलिस्तीनी लोगों को अस्पताल ले जाया गया है।

घरों को गंवाने के डर से फिलिस्तीनी कर रहे प्रदर्शन
इस्राइल पुलिस ने कहा कि शाम की प्रार्थना के बाद हजारों फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों ने दंगा भड़का दिया था, जिसके कारण सुरक्षा बलों को कार्रवाई करने आदेश को बहाल करना पड़ा। दरअसल, विवाद की वजह यहूदी सेट्लर्स (वो लोग जिन्हें फिलिस्तीन में बसाया जाता है) का उस जमीन पर दावा करना है, जहां फिलिस्तीन के लोगों के घर बने हुए हैं। यही वजह है कि फिलिस्तीनी लोग अपने घरों को गंवाने के डर से प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस्राइल की सुप्रीम कोर्ट सोमवार को करेगी सुनवाई

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गौरतलब है कि रमजान की शुरुआत से ही यरुशलम और वेस्ट बैंक में तनाव की शुरुआत हो गई थी। पूर्वी यरुशलम के शेख जर्राह में हर रात हिंसक झड़प किए जाने की खबरें सामने आ रही थीं। शेख जर्राह में रहने वाले फिलिस्तीनी परिवार यहां से हटाए जाने के खिलाफ केस लड़ रहे हैं। इस्राइल की सुप्रीम कोर्ट सोमवार (10 मई) को शेख जर्राह को खाली कराए जाने को लेकर सुनवाई करेगी। इस दिन ही इस्राइल ‘यरुशलम डे’ मनाता है, जो 1967 के मध्य पूर्व युद्ध में जीत मिलने के बाद पूर्वी यरुशलम पर कब्जा जमाने को चिन्हित करता है। 

प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का हुआ इस्तेमाल 
बता दें, शुक्रवार को नमाज के लिए दस हजार से अधिक की संख्या में फिलिस्तीनी लोग अल-अक्सा मस्जिद पहुंचे थे। नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग शेख जर्राह को खाली कराए जाने के विरोध के लिए इकट्ठा हो गए। इफ्तार के तुरंत बाद ही अल-अक्सा के पास हिंसक झड़प होने लगी। पुलिस ने वॉटर कैनन की मदद से प्रदर्शनकारियों को अलग-थलग करने की कोशिश की।  

हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ेगी पुलिस
इधर, इस्राइल पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों ने पत्थर, पटाखे और अन्य वस्तुओं को पुलिस अधिकारियों की ओर फेंका। इसमें छह पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। प्रवक्ता ने आगे कहा, 'हम किसी भी हिंसक गड़बड़ी, दंगा या हमारे अधिकारियों को नुकसान पहुंचाने पर कड़ा जवाब देंगे और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ेंगे।' वहीं, फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा कि वह इस पवित्र शहर में होने वाले हमलों और खतरनाक गतिविधियों के लिए इस्राइल को दोषी मानते हैं।

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