तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) समर्थकों ने फ्रांस की पत्रिका में पिछले साल पैगंबर मोहम्मद का कार्टून प्रकाशित करने के लिए फ्रांस के राजदूत को निष्कासित करने के वास्ते इमरान खान सरकार को 20 अप्रैल तक का समय दिया था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने सोमवार को पार्टी के प्रमुख साद हुसैन रिज्वी को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद टीएलपी ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कौन है साद हुसैन रिज्वी?
वर्ष 2018 के आम चुनाव में 25 लाख वोट हासिल करने वाली टीएलपी ने साद रिज्वी की गिरफ्तारी के बाद देशभर में सड़कों को बंद कर दिया। साद रिजवी खादिम हुसैन रिज्वी का बेटा है, जिनकी कुछ महीने पहले मौत हो चुकी है। मंत्री ने यह भी कहा कि सभी सड़कों को खाली करा लिया गया है और प्रमुख शहरों के मुख्य चौराहों से प्रदर्शनकारियों को हटाया जा चुका है।
हजारों कार्यकर्ताओं को डाला जेल में
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने देशभर में टीएलपी के 2,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने का दावा किया है। इनमें से अधिकतर को पंजाब से गिरफ्तार किया गया। खास बात यह है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सरकार ने पिछले साल नवंबर में फ्रांसीसी राजदूत को निष्कासित करने पर सहमति जताते हुए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
टीएलपी ने पिछले साल नवंबर में कार्टून के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया था। हालांकि फरवरी तक राजदूत को निष्कासित करने का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हो गया था और समझौते को 20 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया। सरकार ने टीएलपी के खिलाफ कार्रवाई की मांगों को लेकर संसद में एक विधेयक लाने का वादा किया था। टीएलपी वर्ष 2017 में चर्चा में आया था, जब उसने इस्लामाबाद के निकट फैसलाबाद चौराहे पर तीन सप्ताह तक विशाल विरोध प्रदर्शन किया था। तत्कालीन सरकार द्वारा कानून मंत्री को हटाए जाने के बाद टीएलपी ने शहर से लॉकडाउन हटाया था।