मेक्सिको में सिनालोआ कार्टेल के दो गुटों में इलाके पर कब्जे को लेकर संघर्ष चल रहा है, जिसके चलते सोमवार को एक ही दिन में 20 लोगों की हत्या कर दी गई। इनमें से चार लोगों के सिर कटे शव पुल से लटके मिले, जबकि राजमार्ग पर एक सफेद वैन में 16 और पुरुषों की लाशें मिलीं।
पश्चिमी मेक्सिको के सिनालोआ राज्य की राजधानी कुलियाकन में सोमवार को एक पुल से चार लोगों के सिर कटे हुए शव लटके मिले। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना हाल की कार्टेल हिंसा की एक कड़ी है, जिसमें एक ही दिन में लगभग 20 लोगों की हत्या कर दी गई।
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यह हिंसा सिनालोआ कार्टेल के दो गुटों- लॉस चैपिटोस और ला मायिजा के बीच इलाके पर कब्जे को लेकर चल रहे संघर्ष का नतीजा है। यह टकराव पिछले साल शुरू हुआ था और अब कुलियाकन शहर कार्टेल हिंसा का केंद्र बन गया है।
कुलियाकन में रोजाना मिलती हैं लाशें
कुलियाकन में रोजाना लाशें मिलती हैं। घरों पर गोलियां चलती हैं, दुकानें बंद रहती हैं और जब हिंसा बढ़ती है तो स्कूल भी बंद कर दिए जाते हैं। कई बार नकाबपोश लोग मोटरसाइकिल पर सवार होकर मुख्य सड़कों पर निगरानी करते देखे जाते हैं।
सोमवार को मिले 20 लोगों के शव, चार के सिर धड़ से अलग थे
सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को सिनालोआ राज्य के अभियोजकों ने बताया कि शहर के बाहर एक पुल से चार लाशें लटकी मिलीं। उनके सिर पास के एक प्लास्टिक बैग में रखे हुए थे। उसी दिन, पुलिस को पास के राजमार्ग पर एक सफेद वैन में 16 और पुरुषों की लाशें मिलीं। इनमें से एक का सिर भी धड़ से अलग था। वहां एक चिट्ठी भी छोड़ी गई थी, जो शायद किसी गैंग की ओर से थी, लेकिन उसमें क्या लिखा था, यह नहीं बताया गया।
सरकार के प्रवक्ता ने हत्याओं की निंदा की
सिनालोआ सरकार के प्रवक्ता फेलिसियानो कास्त्रो ने इन हत्याओं की निंदा की और कहा कि सरकार को अब संगठित अपराध से निपटने की अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि सेना और पुलिस मिलकर राज्य में शांति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार अब इस हिंसा को रोकने में नाकाम हो रही है।
पिछले साल सितंबर में हुई हिंसा की शुरुआत
इस हिंसा की शुरुआत पिछले साल सितंबर में तब हुई जब जोआक्विन 'एल चापो' गुज़मैन के बेटे को एक गैंग ने अगवा कर लिया और बाद में उसे अमेरिका भेज दिया गया। उसी के बाद से गैंगों के बीच लड़ाई और बढ़ गई और कुलियाकन शहर, जो पहले अपेक्षाकृत शांत था, अब हिंसा की गिरफ्त में है।