दुनियाभर में पत्रकारों की हत्याओं के मामले डेढ़ गुना तक बढ़े हैं। साल 2022 में कम से कम 67 मीडियाकर्मियों की हत्याएं हुईं। वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे के मौके पर बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने यह जानकारी दी। गुटेरस ने कहा कि पत्रकारों की हत्याओं यह वृद्धि अविश्वसनीय है। उन्होंने कहा कि मीडिया की आजादी लोकतंत्र व न्याय की आधारशिला है और अब वह खतरे में है। उन्होंने सभी देशों की सरकारों से आग्रह किया कि वे सच्चाई और उसके बारे में खबरें छापने वालों को निशाना बनाना बंद करें।
30वें ‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे’ के मौके पर एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, दुष्प्रचार और हेट स्पीच सच्चाई और कल्पना व विज्ञान और षडयंत्र के बीच के अंतर को धुंधला करना चाहते हैं। इससे सच खतरे में पड़ गया है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के 2023 के वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स के मुताबिक, 31 देशों में स्थिति बेहद गंभीर है।
जेल में बंद तीन ईरानी महिला पत्रकारों ने जीता यूएन का शीर्ष अवॉर्ड
विश्व निकाय ने प्रेस स्वतंत्रता के लिए उसका प्रमुख पुरस्कार ‘सच्चाई और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता’ के लिए जेल में बंद तीन ईरानी महिला पत्रकारों को दिया है। विजेताओं में नीलोफर हमीदी, एलाहेह मोहम्मदी व नरगिस मोहम्मदी शामिल हैं। नीलोफर ने एक खबर के जरिये गत वर्ष हिजाब के खिलाफ पुलिस हिरासत में मौत का शिकार हुई 22 वर्षीय महसा अमीनी के बारे में लोगों को अवगत कराया था। एलाहेह ने अमीनी के अंतिम संस्कार के बारे में लिखा था। तीसरी विजेता नरगिस मोहम्मदी ने एक पत्रकार के रूप में कई वर्षों तक काम किया।