भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने लंदन में रुकने के लिए नई चाल चली है। उसने वहां के गृहमंत्री प्रीति पटेल को इस संबंध में आवेदन दिया है। माल्या के वकील ने दिवाला कानून की कार्यावाही में उसे शुक्रवार को लंदन के हाईकोर्ट में वर्चुअल मोड में पेश किया था।
विजय माल्या ने ब्रिटेन में ही रहने के लिये एक और विकल्प आजमाते हुए गृह मंत्री प्रीति पटेल के समक्ष गुहार लगाई है। लंदन के उच्च न्यायालय में चल रहे दीवालिया मामले में शराब कारोबारी माल्या का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने शुक्रवार को अदालत में इसकी जानकारी दी।
ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को भारत सरकार को प्रत्यर्पित करने के खिलाफ दायर याचिका को पिछले साल अक्टूबर में खारिज कर दिया था। फिलहाल वह तब तक जमानत पर है जब तक पटेल उसे भारत प्रत्यर्पित करने के आदेश पर हस्ताक्षर नहीं कर देतीं।
माल्या पर अब बंद हो चुकी उसकी कंपनी किंगफिशर एयलाइंस के संबंध में धोखाधड़ी और धनशोधन के आरोप हैं।
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने इस संबंध में केवल इस बात की पुष्टि की है कि प्रत्यर्पण आदेश पर अमल किये जाने से पहले गोपनीय कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि माल्या ने ब्रिटेन में शरण मांगी थी, जिसकी जानकारी की ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने न तो पुष्टि की है और न ही इससे इनकार किया है।
माल्या के बैरिस्टर फिलिप मार्शल ने अदालत में कहा कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया बरकरार है लेकिन वह (माल्या) अभी इसलिये यहां हैं क्योंकि उन्होंने यहां रहने के लिये एक और विकल्प आजमाते हुए गृह मंत्री प्रीति पटेल से गुहार लगाई है।
भारत प्रत्यर्पण के लिए भारतीय सरकार को चुनौती वाली उसकी याचिका सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल ही खारिज कर दी थी। अब प्रीति पटेल जब तक प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर नहीं करतीं तब तक माल्या ब्रिटेन में जमानत पर रहा सकता है।
इस मामले में ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने अब तक इतना ही बताया है कि प्रत्यर्पण आदेश पारित करने से पहले की गोपनीय कार्यवाही चल रही है।