16वें संयुक्त राष्ट्र दिवस पर संबोधन देते भारत के उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू
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उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने प्रबुद्ध वैश्विक नेतृत्व से आह्वान किया कि शांति, सहचर्य, स्थिर विकास और परस्पर समन्वय वाली विश्व व्यवस्था के लिए बुद्ध के बताए मार्ग का अनुसरण करना होगा। नायडू रविवार को सोलहवें संयुक्त राष्ट्र वेसाक दिवस के अवसर पर वियतनाम के विश्व प्रसिद्ध तामचुक पगोड़ा में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस समारोह में वियतनाम बौद्ध संघ के प्रमुख और वैसाक समारोह 2019 के संयुक्त राष्ट्र दिवस के अध्यक्ष डॉ. थिक थिएन न्हून, म्यांमार के राष्ट्रपति विन म्यिंट, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक सहित दुनिया भर से बड़ी संख्या में बौद्ध धर्मावलंबी और अनेक देशों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए।
बौद्ध धर्म शांति और सतत विकास के लिए नेतृत्व प्रदान कर मानवमात्र को ऊपर उठाता है
नायडू ने कहा कि बौद्ध धर्म शांति और सतत विकास के लिए नेतृत्व प्रदान कर मानवमात्र को ऊपर उठाता है। वह नफरत करने वालों को रचनात्मक दिशा में अपनी ऊर्जा का प्रयोग करना सिखाता है। आतंकवाद, कट्टरता और धार्मिक कट्टरवाद का विरोध कर विश्वबंधुत्व का पाठ पढ़ाता है।
उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि बौद्ध धर्म के मूल सिद्धांतों का पालन मनुष्य को तनाव और घृणा से मुक्त कर एक ऐसी संकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है जो मानवता को तमाम परेशानियों से मुक्त कर सकता है। वर्तमान परिदृश्य में इसकी सार्थकता और प्रासंगिकता और भी बढ़ गयी है। उन्होंने कहा कि वेसाक दिवस भगवान बुद्ध के अवतरण, निर्वाण और ज्ञान का प्रतीक है जिनकी शिक्षाएं ढाई हजार सालों से दुनिया का पथ प्रदर्शन कर रहीं हैं।
ऐसी दुनिया जिसमें हिंसा और संघर्ष न हो
उन्होंने कलिंग युद्ध की विभीषिका के बाद बुद्ध के उपदेशों से सम्राट अशोक के हृदय परिवर्तन का जिक्र करते हुए कहा कि धार्मिक आचरण, ज्ञान, करुणा और बुद्ध के उपदेश लालसा को कम कर एक ऐसी दुनिया बनाने का काम करते हैं जिसमें हिंसा और संघर्ष के लिए गुंजाइश नहीं है।
वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत पर की चर्चा
बुद्ध के उपदेश हमें प्यार या घृणा के अतिरेक से बचाकर संतुलित दृष्टिकोण अपनाने को प्रेरित करते हैं। उपराष्ट्रपति ने भारत के वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत की चर्चा करते हुए कहा कि यह शांति और सहअस्तित्व की अवधारणा पर आधारित है। इसी से बदलाव आएगा। इससे पूर्व विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भी समारोह को संबोधित किया।
उप राष्ट्रपति भारत लौटे
चार दिन की आधिकारिक यात्रा के बाद उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू रविवार को भारत वापस लौटे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने वियतनाम के प्रधानमंत्री, उप राष्ट्रपति, नेशनल असेंबली की अध्यक्ष आदि से दोनों देशों के मध्य चल रहे आपसी सहयोग के विभिन्न कार्यक्रमों पर चर्चा की और उन्हें आगे बढ़ाने के के लिए उठाए जाने वाले कदमों की रूपरेखा पर भी विचार किया।
नायडू ने वियतनाम में रह रहे भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात की और उन्हें बताया कि वे सभी भारत के सांस्कृतिक राजदूत हैं। उन्होंने भारतीय दूतावास में जयपुर फुट के शिविर का भी शुभारंभ किया था। इसके बाद वैसाक दिवस को मुख्य अतिथि के रूप संबोधित कर विश्व बंधुत्व का संदेश दिया।