इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद एक बार फिर से होर्मुज में तनाव बढ़ गया है। इसी बीच सोमवार को ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट एक जहाज पर कथित हमले की जानकारी सामने आई है। जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों ने संकट की स्थिति में तत्काल मदद की गुहार लगाई है।
Indian Navy in Harmouz 24 Indian Seafarers seeking urgent assistance at 2057.07N 059 degree 0813 off coast Oman onboard @IndiannavyMedia @MEAIndia @DrSJaishankar @shipmin_india @ITFglobalunion pic.twitter.com/PljHOhTGVv
— FSUI (@FSUIINDIA) June 8, 2026
इस बीच, रूस में ईरान के राजदूत काजेम जालाली का बयान भी ध्यान देने लायक है। उन्होंने मास्को में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन यह नई शर्तों के तहत संचालित होगा, जिनमें ट्रांजिट शुल्क (आवागमन शुल्क) भी शामिल हो सकता है।
रूसी समाचार पत्र इजवेस्टिया को दिए इंटरव्यू में जालाली ने कहा, यह जलडमरूमध्य निश्चित रूप से खुला रहेगा, लेकिन इसकी नई शर्तें ईरान और ओमान के अधिकारी तय करेंगे। हम समझते हैं कि ईरान और ओमान इस स्ट्रेट से जुड़ी कुछ सेवाएं प्रदान करते हैं, और उन सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाएगा।" हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस जलमार्ग को किसी दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहता, लेकिन क्षेत्रीय परिस्थितियां बदल चुकी हैं, इसलिए नई व्यवस्था जरूरी है।
इस बीच यूरोपीय यूनियन ने ईरान को नौवहन के लिए खतरा मानते हुए उस पर प्रतिबंध लगाने का एलान किया है। रॉयटर्स के अनुसार, ईयू की विदेश नीति प्रमुख काया कलास ने कहा कि ईरान का वर्तमान हमला मैरीटाइम ट्रैफिक के लिए खतरा है।
ओमान में भारतीय दूतावास ने क्या कहा?
ओमान में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि भारतीय नाविकों से जुड़े एक जहाज की घटना पर मिशन सक्रिय रूप से काम कर रहा है। दूतावास ने कहा कि वह ओमान के अधिकारियों के संपर्क में है, ताकि उनकी सुरक्षा और बचाव सुनिश्चित किया जा सके। दूतावास ने कहा, मिशन भारतीय नाविकों वाले एक जहाज से जुड़े मामले को गंभीरता से देख रहा है। हम उनके बचाव और सुरक्षा के लिए ओमान के अधिकारियों के संपर्क में हैं।