अमेरिका, वेनेजुएला और एल साल्वाडोर के बीच एक बड़ा समझौता हुआ जिसमें वेनेजुएला ने दस अमेरिकी नागरिकों को रिहा किया और अमेरिका ने 250 से ज्यादा वेनेजुएली प्रवासियों को उनके देश वापस भेजा। एल साल्वाडोर की कठोर जेल में बंद रहे इन प्रवासियों में कई पर अत्याचार के आरोप लगे हैं। वहीं, अमेरिका लौटे कैदियों के परिवारों में खुशी का माहौल है।
अमेरिका, वेनेजुएला और एल साल्वाडोर के बीच शुक्रवार को एक अहम समझौता हुआ। इसके तहत वेनेजुएला ने दस अमेरिकी नागरिकों को जेल से रिहा किया। इसके बदले अमेरिका ने कुछ महीने पहले एल साल्वाडोर भेजे गए 250 से ज्यादा वेनेजुएली प्रवासियों को उनके देश वापस भेजा। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इस दिन को आशीर्वाद और खुशी का दिन बताया। उन्होंने कहा कि यह वेनेजुएला के लिए एक उत्तम दिन है।
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बता दें कि एल साल्वाडोर ने इन प्रवासियों को मार्च में एक बड़ी जेल (सीईसीओटी) में रखा था। इस जेल में वे लोग थे जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने खतरनाक गिरोह के सदस्य बताकर देश से निकाला था, लेकिन उनके खिलाफ कोई पक्के सबूत नहीं दिए गए थे। सीईसीओटी जेल को बेहद कठोर माना जाता है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार वहां कैदियों के साथ मारपीट, यातना और कई बार मौत तक की घटनाएं हुई हैं। कुछ वेनेजुएली प्रवासियों के शरीर पर चोट के निशान थे और एक शख्स ने बताया कि पिटाई के कारण उसकी एक किडनी खराब हो गई।
अमेरिका में शुक्रवार रात उन 10 अमेरिकी नागरिकों की वापसी हुई, जिन्हें वेनेजुएला में कैद किया गया था। इनमें नेवी सील विल्बर्ट कास्टेनेडा और लुकास हंटर शामिल हैं। उनके परिवारों ने उन्हें राजनीतिक मोहरा बताया। साथ ही कहा कि उन्होंने कई महीनों से इस दिन का इंतजार किया।
एल साल्वाडोर की भूमिका
मामले में एल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले ने महीनों पहले यह प्रस्ताव दिया था कि वेनेजुएला के प्रवासियों के बदले वेनेजुएला कुछ अमेरिकी कैदियों को रिहा करे। हालांकि तब वेनेजुएला ने इस प्रस्ताव को नीच और फासीवादी सोच बताया था, लेकिन अब वही समझौता हो गया।
समझौते से तीनों देशों को फायदा
गौरतलब है कि इस समझौते से तीनों देशों को अलग-अलग फायदा हुआ। इसके तहत अमेरिका को अपने नागरिक वापस मिले, वेनेजुएला को अपने प्रवासी, और एल साल्वाडोर ने एक कूटनीतिक जीत हासिल की। यह समझौता अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक अहम कदम माना जा रहा है।