वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो
- फोटो : ANI
वेनेजुएला की नेशनल असेंबली ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क को अवांछित व्यक्ति करार दिया। वेनेजुएला की संसद ने तुर्क पर अमेरिका से निर्वासित किए जाने के बाद अल साल्वाडोर की जेल में बंद किए गए वेनेजुएला के प्रवासियों की मदद न करने आरोप लगाया है। सांसदों ने प्रवासियों की रक्षा करने में फेज रहने पर संयुक्त राष्ट्र अधिकारी की आलोचना की। अमेरिका से निर्वासित किए गए 252 वेनेजुएलावासी अल साल्वाडोर की जेल में बंद हैं।
पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी वोल्कर तुर्क ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र ने मादुरो सरकार के तहत मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने, लोगों को जबरन गायब किए जाने और यातना दिए जाने के मामलों में बढ़ोतरी देखी है। इस पर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद वेनेजुएला की नेशनल असेंबली में तुर्क के प्रति गुस्सा बढ़ गया।
ये भी पढ़ें: एलन मस्क को निर्वासित करने पर विचार क्यों कर रहे डोनाल्ड ट्रंप? बिग ब्यूटीफुल बिल पर बढ़ी रार
सांसदों ने मादुरो से आग्रह किया कि जब तक तुर्क अपने पद पर बने रहेंगे, वे मानवाधिकार परिषद से वेनेजुएला की सदस्यता वापस ले लें। इस पर वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने कहा कि तुर्क जघन्य अपराधों के प्रति आंखें मूंद लेता है। वह संयुक्त राज्य अमेरिका और अल साल्वाडोर में वेनेजुएला के लोगों के मानवाधिकारों के लिए कुछ नहीं करते हैं।
तुर्क ने निर्वासन पर जताई थी चिंता
हाल ही में तुर्क ने अमेरिका से वेनेजुएला के उन नागरिकों के निर्वासन को रोकने का आग्रह किया था, जिन्हें अपने देश में गिरफ्तार किए जाने का खतरा हो सकता है। उन्होंने अमेरिका से बड़े पैमाने पर निर्वासन में उचित प्रक्रिया का पालन न होने पर चिंता जताई थी। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में उन्होंने कहा था कि मैं हिरासत की स्थितियों से बहुत चिंतित हूं। लोगों को चिकित्सा देखभाल से वंचित रखा गया है। साथ ही ,भोजन और पानी तक पहुंच का अभाव है। कुछ कैदियों को बिना किसी संपर्क के हिरासत में रखा गया।
राष्ट्रपति मादुरो और तुर्क के बीच पुराना विवाद
वेनेजुएला में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि वोल्कर तुर्क और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के बीच पुराना विवाद है। तुर्क ने जून में वेनेजुएला के संसदीय चुनावों के बाद नागरिक स्वतंत्रता पर बढ़ती कार्रवाई और मादुरो के विवादित पुनर्निर्वाचन के बाद उत्पन्न अशांति पर चिंता जताई थी। निर्वाचन अधिकारियों ने विश्वसनीय सबूतों के बावजूद जुलाई 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में मादुरो को विजेता घोषित कर दिया था।
ये भी पढ़ें: एक बार फिर फिसली डोनाल्ड ट्रंप की जुबान, पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए कहे आपत्तिजनक शब्द
पहले भी बंद किया जा चुका यूएन का कार्यालय
वेनेजुएला की कार्रवाई के बाद राजधानी कराकास में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं। मादुरो की सरकार ने पहले कार्यालय को बंद करने और अपने कर्मचारियों को निष्कासित करने के लिए मजबूर करने के महीनों बाद एजेंसी के कर्मचारियों पर तख्तापलट करने वालों और आतंकवादियों की सहायता करने का आरोप लगाया था। इस कार्यालय ने दिसंबर में फिर से काम करना शुरू किया था।