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उइगर मामला : अमेरिका ने चीन की 11 और कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध

Wed, 22 Jul 2020 05:21 AM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
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अमेरिका ने चीन के पश्चिमी प्रांत शिनजियांग में मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाली 11 चीनी कंपनियों के एक समूह पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने इन सभी कंपनियों को काली सूची में डाल दिया है। इस तरह करीब 50 चीनी संस्थाएं इस सूची में शामिल हो गई हैं जिन्हें अमेरिकी प्रौद्योगिकी व अन्य वस्तुओं तक पहुंच बनाने से रोक दिया गया है।

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वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, ये कंपनियां अपने उत्पाद तैयार करने के लिए क्षेत्र के 10 लाख उइगर मुसमलानों का जमकर शोषण करती हैं। इनमें से कई टेक्सटाइल कंपनियां हैं जबकि दो कंपनियों ने उइगरों पर अपने उत्पादों का परीक्षण भी किया है।

काली सूची में डाली गई ये कंपनियां अब अमेरिकी सरकार की अनुमति के बिना देश से कोई कलपुर्जा तक नहीं खरीद सकेंगी। वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस ने कहा, बीजिंग सक्रिय रूप से अपने नागरिकों को दबाने के लिए जबरन श्रम, अपमानजनक डीएनए संग्रह और विश्लेषण योजनाओं की निंदनीय प्रथा को बढ़ावा देता रहा है।
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यह कार्रवाई सुनिश्चित करेगी कि हमारे माल और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल चीन में मुस्लिम अल्पसंख्यक आबादी के खिलाफ अपमानजनक हमले में न हो। बता दें कि शिनजियांग में उइगरों से धार्मिक, सांस्कृतिक व आर्थिक भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं।

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तीसरी बार हुई है यह कार्रवाई

ये तीसरी बार है जब अमेरिका ने चीनी कंपनियों को काली सूची में डाला है। इससे पहले दो बार 37 चीनी कंपनियों पर कार्रवाई हुई है। काली सूची में डाली गई मौजूदा कंपनियों में केटीके शामिल है जो हाइस्पीड ट्रेनों के लिए उत्पाद बनाती है।

तानयुआन टेक्नोलॉजी विद्युत उपकरण बनाती है जबकि चांगजी इस्क्वेल एक टेक्सटाइल कंपनी है। बालों के उत्पाद बनाने वाली हेतियन हाओलिन कंपनी पर उइगरों से जबरन काम लेने का आरोप पहले से है।

ट्रंप प्रशासन ने चीन के लिए बनाई युद्ध संबंधी योजना
व्हाइट हाउस के पूर्व रणनीतिकार स्टीव बैनन ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) का सामना करने और फिर उसे मात देने के लिए ‘युद्ध संबंधी योजना’ तैयार की है। बैनन ने कहा कि इस योजना में ‘चीन के कब्जे वाले तिब्बत’ की सीमाओं पर भारत में सहयोगियों को समर्थन देना भी शामिल है।

उन्होंने कहा, ट्रंप की ‘अपनी तरह की युद्ध परिषद’ ने सीपीपी से निपटने के लिए एनएसए, एफबीआई प्रमुख, विदेश मंत्री और अटॉर्नी जनरल की टीम बनाई है। बैनन ने कहा इन चारों के साथ ट्रंप ने सीसीपी के खिलाफ एक ‘सुसंगत योजना’ बनाई है।
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हांगकांग प्रत्यर्पण संधि तोड़ने पर चीन ने ब्रिटेन को चेताया

चीन ने हांगकांग के साथ प्रत्यर्पण संधि को निलंबित करने के ब्रिटेन के फैसले की निंदा करते हुए कड़ा विरोध जताया है। लंदन में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटिश पक्ष गलत रास्ते पर चल रहा है। चीन ने ब्रिटेन को हांगकांग के मामलों में दखल बंद करने के लिए चेताते हुए कहा कि यदि ब्रिटेन गलत रास्ते पर और आगे जाने पर अड़ा रहता है, तो उसे इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
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