US: अमेरिकी एजेंसी यूएसएआईडी के कर्मचारियों को सोमवार को उनके वॉशिंगटन स्थित मुख्यालय में न जाने का निर्देश दिया गया, यह कदम कारोबारी एलन मस्क और राष्ट्रपति ट्रंप की सहमति से एजेंसी को बंद करने की घोषणा के बाद उठाया गया। मस्क ने कहा कि ट्रंप ने इस एजेंसी को बंद करने पर सहमति दी है।
अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएआईडी) के कर्मचारियों को सोमवार को उनके वॉशिंगटन स्थिति मुख्यालय में न जाने का निर्देश दिया गया। कर्मचारियों को एक सूचना के जरिए आदेश दिया गया।
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यह कदम तब उठायागया, जब अमेरिका के अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने घोषणा की कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके साथ मिलकर यूएसएआईडी को बंद करने पर सहमति जताई है। मस्क ने कहा कि उन्होंने ट्रंप से इस एजेंसी को बंद करने के बारे में बात की है और उन्होंने सहमति दी कि इसे बंद कर देना चाहिए।
यूएसएआईडी के कर्मचारियों ने बताया कि एजेंसी के करीब 600 कर्मचारी रातभर अपने कंप्यूटर का उपयोग नहीं कर पाए, क्योंकि उन्हें लॉक कर दिया गया था। जो कर्मचारी कंप्यूटर पर मौजूद थे, उन्हें एक ईमेल मिला, जिसमें कहा गया था कि नेतृत्व के निर्देश पर एजेंसी का मुख्यालय सोमवार तीन फरवरी को कर्मचारियों के लिए बंद रहेगा।
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यह घटनाक्रम तब सामने आया, जब मस्क ने सोमवार को कहा कि उन्होंने ट्रंप से अमेरिका की साठ साल पुरानी सहायता और विकास एजेंसी के बारे में बात की और ट्रंप ने सहमति दी कि हमें इसे बंद कर देना चाहिए। मस्क राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर संघीय सरकार की समीक्षा कर रहे हैं।
क्या काम करता है यूएसएआईडी
अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (USAID) का यूएस सरकार की एक स्वतंत्र एजेंसी है। इसकी स्थापना 1961 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने की थी। ये एजेंसी नागरिक विदेशी सहायता और विकास सहायता के प्रशासन पर नजर रखती है। इस संस्था का मिशन वैश्विक स्वास्थ्य, आर्थिक विकास, आपदा और लोकतांत्रिक सुधार के मुद्दे पर काम करना है। यह एजेंसी मौजूदा समय में 100 से अधिक देशों में काम करती है। यह एजेंसी कई बार मानवीय संकटों को दूर करने में वैश्विक स्तर पर मदद करके अमेरिका की विदेश नीति को आगे बढ़ा चुकी है।