फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिका फिर दे सकता है भारत को बड़ी छूट, करोड़ों के मुनाफे से व्यापारियों के लौटेंगे अच्छे दिन

Sat, 20 Jun 2020 04:30 AM IST
श्रीधर मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

भारत का तरजीही व्यापार का दर्जा खत्म किए जाने के एक साल बाद अमेरिका फिर इसे बहाल करने पर विचार कर रहा है। इस फैसले के बाद भारत से निर्यात होने वाले करीब 48.38 हजार करोड़ रुपये के उत्पादों को शुल्क से छूट मिल जाएगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून, 2019 में तरजीही व्यापार का दर्जा खत्म कर दिया था और भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क लगा दिया था। जवाब में भारत ने 29 अमेरिकी उत्पादों पर भारी-भरकम शुल्क लगाया था।

विज्ञापन


अमेरिका के विदेश व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइथाइजर ने सदन की वित्त समिति को बताया कि अभी दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। भारत की तरफ से संतुलित प्रस्ताव मिलता है, तो हम जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रीफरेंस (जीएसपी) का दर्जा दोबारा बहाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ बड़े व्यापार सौदे पर बातचीत कर रहे हैं और संभव है कि कुछ समय बाद दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर सहमत हो जाएं। पिछले साल ट्रंप ने यह कहते हुए तरजीही व्यापार का दर्जा छीन लिया था कि उनके उत्पादों को भारतीय बाजार में पर्याप्त पहुंच नहीं दी जाती है।

जीएसपी खत्म होने से इंजीनियरिंग उत्पादों पर असर

अमेरिका की ओर से जीएसपी दर्जा खत्म किए जाने से भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका ने इन उत्पादों पर आयात शुल्क दोगुना कर दिया है। इसके अलावा चमड़ा उत्पाद, नकली आभूषण, फार्मा, रसायन और प्लास्टिक और कृषि उत्पादों पर भी इसका असर हुआ और इनके निर्यातकों के मुनाफे में कमी आई। अमेरिका ने भारत सहित कई देशों को तरजीही व्यापार का दर्जा दिया था। इसके तहत वहां के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका कई उत्पादों पर आयात शुल्क नहीं लगाता है।
विज्ञापन


अमेरिकी सेब, दाल पर भारत ने लगाया था भारी शुल्क

अमेरिका की ओर से जीएसपी दर्जा खत्म करने पर भारत ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सेब और दाल पर भारी-भरकम आयात शुल्क लगा दिया था। वाशिंगटन से आने वाले सेब पर आयात शुल्क 70 फीसदी कर दिया, जबकि मोंटाना से आने वाली दाल पर भी आयात शुल्क दोगुना बढ़ा दिया था। इस कार्रवाई से भारत को 21.7 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त आमदनी हुई थी। इसके अलावा अमेरिकी अखरोट पर आयात शुल्क 30 फीसदी से बढ़ाकर 120 फीसदी कर दिया था। भारत दाल का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, जो अमेरिकी किसानों के लिए महत्वपूर्ण बाजार है। इन उत्पादों पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी से अमेरिका को काफी नुकसान हुआ। अब वह शुल्क में कटौती के बदले तरजीही व्यापार का दर्जा वापस देने पर विचार कर रहा है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें