फेसबुक ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति माइक पेंस के विवादित विज्ञापनों को अपने प्लेटफार्म से हटा दिया है। इन विज्ञापनों में लाल रंग के उल्टे त्रिकोण का इस्तेमाल किया गया था। दरअसल, लाल त्रिकोण का इस्तेमाल नाजी राजनीतिक कैदियों, साम्यवादियों और हिरासत केंद्रों में कैद लोगों के लिए किया करते थे।
कंपनी ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का यह अभियान उनकी घृणा विरोधी नीति का उल्लंघन करता है। इस विज्ञापन को बुधवार को जारी किया गया था।
फेसबुक की सुरक्षा नीति प्रमुख नैथनियल ग्लीचर ने बृहस्पतिवार को हाउस इंटेलीजेंस कमेटी की सुनवाई के दौरान विज्ञापन हटाने की पुष्टि करते हुए कहा, फेसबुक घृणा फैलाने वाली विचारधारा से जुड़े किसी संकेत को दिखाने की अनुमति तब तक नहीं देता, जब तक कि वह किसी संदर्भ के साथ या निंदा करने के लिए इस्तेमाल न किया जाए।
जब इन दोनों में किसी भी मकसद से संकेत का इस्तेमाल नहीं किया जाता, हम अपने प्लेटफार्म पर इसे दिखाने की अनुमति नहीं दे सकते। हमने इस मामले में भी यही किया। अगर भविष्य में भी ऐसा कुछ होता है तो हम इसी तरह का कदम उठाएंगे।
दस हजार डॉलर से ज्यादा खर्च
इस विज्ञापन अभियान पर 10 हजार डॉलर से अधिक खर्च किए गए थे और इसे विशेषतौर पर सभी उम्र के पुरुषों और महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया था, खासतौर पर फ्लोरिडा, टेक्सास और कैलिफोर्निया में हो रहे चुनाव को देखते हुए।
ट्रंप के प्रचार अभियान के कम्युनिकेशन निदेशक टिम मुर्तोग ने कहा, लाल रंग के त्रिकोण का इस्तेमाल एंटीफा ने किया था। यह संकेत एंडी डिफेमेशन लीग में घृणा फैलाने वाले संकेतों की सूची में शामिल नहीं है, इसलिए हमने इसका इस्तेमाल किया।