अमेरिका ने तुर्की की सीमा से अपने सैनिकों को हटाने का फैसला किया था। बुधवार को तुर्की ने अमेरिकी सेना के हटते ही सीरिया में कुर्दिश लड़ाकों पर बम बरसाने शुरू कर दिए। जानकारी के अनुसार इस हमले में सात नागरिकों की मौत हो गई। तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एद्रोगन ने ट्विटर पर हमले की घोषणा की थी। उन्होंने इसे 'ऑपरेशन पीस स्प्रिंग' करार दिया था।
सेना हटाने के कुछ घंटों बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के सहयोगी तुर्की को चेतावनी दी थी कि यदि उसने सीरिया के खिलाफ कार्रवाई की तो उसकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देंगे। अमेरिका के कदम से आईएस के खिलाफ लड़ाई में उसके मुख्य सहयोगी कुर्द अकेले पड़ गए थे।
ट्रंप ने फिर चेताया, तबाह कर देंगे तुर्की की अर्थव्यवस्था
वहीं, तुर्की के इस कदम पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि तुर्की तर्कसंगत कार्य करेगा। तुर्की की अर्थव्यवस्था के खिलाफ चेतावनी देते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर उत्तरी सीरिया में अंकारा ने अपने ऑपरेशन को यथासंभव मानवीय रूप से नहीं किया तो वह प्रतिबंधों के कहीं अधिक सख्त कदम उठाने पर विचार करेंगे।
इस सवाल पर कि यदि तुर्की राष्ट्रपति कुर्द लड़ाकों को समाप्त करने का प्रयास करते हैं, ट्रंप ने कहा, 'अगर ऐसा होता है तो हम उनकी (तुर्की) की अर्थव्यवस्था तबाह कर देंगे।' ट्रंप ने कहा मैं प्रतिबंधों पर सहमत हूं लेकिन, अगर उन्होंने मानवीय रूप से कार्रवाई नहीं की तो हम इससे ज्यादा सख्त कदम उठाने के बारे में सोचेंगे।
सीरिया में कैद कर रखे गए आईएस के आतंकियों को अज्ञात जगह भेजा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने सीरिया में कैद कर रखे गए कुछ सबसे खतरनाक आईएस (इस्लामिक स्टेट) लड़ाकों को एक अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। ट्रंप ने कहा कि इन्हें ऐसी जगह रखा गया है जहां सीरिया में तुर्की सैन्य घुसपैठ के दौरान उनपर नजर रखी जा सकेगी।
तुर्की के सैनिकों की टुकड़ियों ने बुधवार को उत्तरी सीरिया में कुर्द लड़ाकों को पीछे करने के लिए घुसपैठ की थी। कुर्द लड़ाकों को ये आतंकी मानते हैं। वहीं, कुर्द लड़ाकों को अमेरिका समर्थन प्राप्त है और उन्होंने मार्च में आईएस के नियंत्रण वाले अंतिम क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया था।