अमेरिकी सरकार ने प्रेसिडेंशियल कमीशन की सिफारिशें लागू कर दी हैं। इन सिफारिशों के लागू होने से अमेरिकी दूतावास में वीजा बैकलॉग खत्म होगी और लोगों को जल्द अमेरिका का वीजा मिल सकेगा। बता दें कि भारत समेत कई देशों में अमेरिका के वीजा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। खासकर कोरोना महामारी के बाद जब से अमेरिका ने कोरोना प्रतिबंधों में छूट दी है, तब से भारत से अमेरिका जाने वाले लोगों की संख्या में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है, जिसकी वजह से अमेरिकी दूतावासों में वीजा इंटरव्यू के लिए लंबी वेटिंग है और कई जगह तो यह इंतजार 800 दिन तक बढ़ गया है। जिससे छात्रों और पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रेसिडेंशियल कमीशन के सदस्य अजय जैन भुतोरिया ने सलाह दी है कि अमेरिकी दूतावासों को वर्चुअल इंटरव्यू लेने चाहिए और दुनिया भर के दूतावासों के स्टाफ को उन दूतावासों के स्टाफ की मदद करनी चाहिए, जहां वीजा बैकलॉग बहुत ज्यादा है। साथ ही यह भी सिफारिश की गई है भारतीयों के लिए अमेरिकी सरकार को भारत के बाहर भी डिप्लोमैटिक मिशन खोलने चाहिए। उल्लेखनीय है कि जनवरी 2023 में ही भारत में अमेरिकी दूतावास में एक लाख अभ्यर्थियों के वीजा प्रोसेस में हैं, जो कि जुलाई 2019 के बाद एक महीने में सबसे ज्यादा है।
बीते साल अमेरिका में प्रेसीडेंट एडवाइजरी कमीशन की दिसंबर में बैठक हुई थी। जिसमें एशियन अमेरिकन, नेटिव हवाईन और प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों, भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में वीजा बैकलॉग बहुत ज्यादा है, जिसे कम करने के लिए बैठक में कई कदम उठाए गए हैं। प्रेसिडेंशियल कमीशन ने ये भी सिफारिश की है कि दूतावासों में नए स्थायी अधिकारी, अनुबंध आधारित कर्मचारी या फिर अवकाश प्राप्त अधिकारियों को नियुक्त किया जाए, ताकि बैकलॉक खत्म हो सके। अमेरिकी सरकार वीजा वेटिंग की समय सीमा को 2-4 हफ्ते करने की कोशिशों में जुटी है।