अमेरिकी स्वास्थ्य और मानवीय सेवा मंत्रालय के मुताबिक, एफडीए ने इन दवाओं को वितरित करने और डॉक्टरों द्वारा अस्पताल में भर्ती कोविड-19 के किशोर तथा वयस्क मरीजों के लिए लिखे जाने को उचित बताया है। खासतौर पर तब, जब नैदानिक परीक्षण उलब्ध न हो या संभव न हो। हालांकि, वैज्ञानिक बार-बार आगाह करते रहे कि अप्रमाणित इलाजों को बढ़ा-चढ़ा कर बताने से खतरा पैदा हो सकता है।
अमेरिका की एक प्रयोगशाला ने कोरोनावायरस की एक ऐसी जांच किट बनाई है जो महज 13 मिनट में बता सकती है कि मरीज संक्रमित है या नहीं। यह किट इतनी हल्की और छोटी है कि इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना बेहद आसान है। एबॉट लेबोरेटरीज के अध्यक्ष रॉबर्ट फोर्ड ने बताया कि एफडीए ने अगले हफ्ते तक मेडिकल स्टाफ को इसे मुहैया कराने के लिए आपात मंजूरी दी है।