सिनसिनाटी में मिस्र के प्रवासी आयमन सोलिमान की गिरफ्तारी के खिलाफ हुए प्रदर्शन में 13 लोग गिरफ्तार हुए, जिनमें दो पत्रकार भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने पुल जाम किया, जिससे ट्रैफिक रुका और पुलिस ने बल प्रयोग किया। पत्रकारों पर भी गंभीर आरोप लगे हैं।
अमेरिका के सिनसिनाटी शहर में एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने कम से कम 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें दो पत्रकार भी शामिल हैं। यह प्रदर्शन एक मिस्र के प्रवासी अयमान सोलिमान की गिरफ्तारी के खिलाफ किया जा रहा था, जो एक अस्पताल में चैप्लिन (धार्मिक सलाहकार) के रूप में काम कर रहे थे और हाल ही में एक नियमित जांच के दौरान आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट) द्वारा हिरासत में ले लिए गए।
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प्रदर्शनकारी गुरुवार रात ओहायो नदी पर बने रोएब्लिंग ब्रिज पर पहुंचे और “ब्रिज बनाओ, दीवार नहीं” (Build Bridges Not Walls) जैसे नारे लगाते हुए ब्रिज को जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। एक वीडियो में देखा गया कि एक पुलिस अधिकारी एक प्रदर्शनकारी को जमीन पर पटकने के बाद कई बार घूंसे मारता है। इससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
पत्रकारों पर भी दायर किए गए केस
स्थानीय मीडिया सिटीबीट के लिए रिपोर्टिंग कर रहे रिपोर्टर मैडलिन फेनिंग और फोटो इंटर्न लुकास ग्रिफिथ को पुलिस ने “फेलोनी रायटिंग” (दंगा भड़काने) और अन्य गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया। सिटीबीट की संपादक एश्ले मूर ने इसकी पुष्टि की। शुक्रवार को कोर्ट में पेश किए गए इन सभी आरोपियों पर 2,500 डॉलर की जमानत तय की गई।
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देशभर में पत्रकारों पर बढ़ते हमले
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका में प्रदर्शन कवर कर रहे पत्रकारों को निशाना बनाया गया है। हाल ही में लॉस एंजेलिस में इमिग्रेशन छापों के विरोध में हुए प्रदर्शनों में दो दर्जन से अधिक पत्रकार घायल हुए। वहीं, जून में अटलांटा में एक स्पेनिश भाषा के पत्रकार मारियो ग्वेरा को गिरफ्तार किया गया और बाद में उन्हें आईसीई ने हिरासत में ले लिया, जबकि उनके पास वैध वर्क परमिट था।
पुलिस ने दी सफाई, प्रदर्शनकारियों पर लगाए आरोप
कोविंग्टन पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि प्रदर्शनकारियों ने बार-बार चेतावनी के बावजूद ब्रिज खाली नहीं किया और कुछ ने पुलिस अधिकारियों को धमकाया। पुलिस के मुताबिक, इससे 'इमरजेंसी रिस्पॉन्स' में बाधा आई और ब्रिज जैसी अहम संरचना को अवरुद्ध करना आम नागरिकों के लिए भी खतरा बन गया।
अयमान सोलिमान की रिहाई की मांग
अयमान सोलिमान की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा साफ दिखा। उन्होंने ICE पर सवाल उठाए कि एक धार्मिक सेवा देने वाले नागरिक को, जो वर्षों से अमेरिका में रह रहा है, क्यों हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से उसकी रिहाई की मांग की और भविष्य में ऐसे मामलों में अधिक मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।