फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: क्या डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हुई थी धांधली? आज आ सकता है इस पर बड़ा आदेश

Tue, 24 Jan 2023 06:13 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप पर 2020 राष्ट्रपति चुनाव में धांधली का आरोप है। मामले की जांच एक विशेष ग्रैंड जूरी कर रही थी। मंगलवार को यह तय करने के लिए स्थानीय अदालत में सुनवाई होगी कि ग्रैंड ज्यूरी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए या नहीं। 
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020 - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ट्रंप पर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में जॉर्जिया में कथित धांधली का आरोप है। अब अदालत में इस मामले की सुनवाई होनी है कि क्या ट्रंप और उनके सहयोगियों द्वारा चुनाव में कथित धांधली की जांच को सार्वजनिक किया जाए या नहीं।
विज्ञापन


जॉर्जिया चुनाव जांच का मामला क्या है? यह अभी क्यों चर्चा में है? यह मामला कैसे सामने आया? जांच के मायने क्या हैं? क्या ट्रंप पर तय होंगे आरोप? आइए जानते हैं 
Trending Videos

2020 के राष्ट्रपति चुनाव - फोटो : Social Media
जॉर्जिया चुनाव जांच का मामला क्या है?
पिछले साल मई से अमेरिकी राज्य जॉर्जिया के फुल्टन काउंटी में एक विशेष ग्रैंड जूरी चुनाव में कथित धांधली के मामले की जांच कर रही है। यह जूरी इस बात की जांच कर रही है कि क्या डोनॉल्ड ट्रंप ने राज्य के अधिकारियों पर दबाव डालकर यहां जो बाइडेन की जीत को उलटने की कोशिश की थी। अगर पूर्व राष्ट्रपति इस धांधली में संलिप्त थे तो उन्होंने राज्य के कानून के मुताबिक अपराध किया है। 
ग्रैंड जूरी ने इस महीने की शुरुआत में अपना काम पूरा कर लिया था। मंगलवार को यह तय करने के लिए सुनवाई होगी कि ग्रैंड ज्यूरी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए या नहीं। इससे पहले विशेष ग्रैंड जूरी ने इसकी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की सिफारिश की थी।

जॉर्जिया के राज्य सचिव ब्रैड रैफेंसपर्गर - फोटो : सोशल मीडिया
यह मामला कैसे सामने आया?
धांधली का पूरा मामला एक फोन कॉल के चलते सामने आया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2020 के चुनाव के बाद, डोनॉल्ड ट्रंप और सहयोगियों ने जॉर्जिया राज्य के अधिकारियों को चुनाव को उलटने की कोशिश की थी। आरोपों के मुताबिक चुनाव प्रभावित करने के लिए जॉर्जिया के राज्य सचिव ब्रैड रैफेंसपर्गर और ट्रंप के बीच एक फोन कॉल हुई थी। इस कॉल के जरिए ट्रंप ने रैफेंसपर्गर को जॉर्जिया राज्य जीतने के लिए आवश्यक वोटों को 'ढूंढने' के लिए कहा था। इसके अलावा यूएस सीनेटर लिंडसे ग्राहम और रैफेंसपर्गर के बीच नवंबर 2020 में हुई फोन कॉल, 4 जनवरी, 2021 को अटलांटा में अमेरिकी अटॉर्नी के अचानक इस्तीफे और दिसंबर 2020 के दौरान की गई टिप्पणियों की भी जांच की जा रही है। 

मामले की जांच कर रही विशेष ग्रैंड जूरी क्या है?
मामले की जांच कर रहे अभियोजक ने जनवरी 2020 में मामले को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए एक विशेष ग्रैंड जूरी गठित करने की मांग की। इस मांग पर मुख्य न्यायाधीश ने मई 2022 ने विशेष ग्रैंड जूरी का चयन किया। किसी विषय की जांच करने के लिए एक विशेष ग्रैंड जूरी बैठती है। इसकी कोई समय सीमा नहीं होती है। जूरी गवाहों को तलब कर सकती है लेकिन किसी को आरोपित नहीं कर सकती। इसके बजाय, यह अभियोजकों को आरोपों के साथ आगे बढ़ने के लिए सिफारिश करती है। 

US election - फोटो : PTI
जांच के मायने क्या हैं? 
2020 चुनाव में कथित धांधली के लिए ट्रंप और उनके सहयोगियों को अभी तक किसी भी आपराधिक मामले का सामना नहीं करना पड़ा है। फुल्टन काउंटी जांच पहली बार हो सकती है जिसमें ट्रंप और सहयोगियों के खिलाफ आरोप दायर होंगे। 6 जनवरी के हमलों की जांच करने वाली यूएस हाउस कमेटी ने ट्रंप द्वारा चार आपराधिक कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। इनमें जनवरी के दंगों और अपनी हार के बाद सत्ता में बने रहने के ट्रंप के प्रयासों का जिक्र था।
विज्ञापन

डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : सोशल मीडिया
क्या ट्रंप पर तय होंगे आरोप?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जरूरी नहीं कि मंगलवार को ट्रंप पर धांधली का आरोप लगाया जाए। विशेष ग्रैंड जूरी फुल्टन काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी फानी विलिस को आरोप लगाने की सिफारिश कर सकती है। मंगलवार की सुनवाई विलिस के आगामी कदम तय करेगी कि उन्हें आगे कैसे बढ़ना है। हालांकि, विलिस जूरी की सिफारिशों पर कार्रवाई करने के लिए बाध्य नहीं हैं। अगर वह आगे बढ़ने का चुनाव करती हैं, तो अभियोजक अभियोग तय करने के लिए काउंटी के दो रेगुलर ग्रैंड ज्यूरी में से किसी एक के सामने मामला पेश कर सकते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, अभियोजकों के लिए कानूनी आरोपों का एक मेनू उपलब्ध हो सकता है। जॉर्जिया का के कानून के मुताबिक, किसी चुनाव अधिकारी के काम में हस्तक्षेप करना अपराध है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें