इस्राइल और फलस्तीन दोनों के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के केंद्र में येरूशलम है। ब्लिंकेन ने कहा, इस्राइल का विस्तार, वेस्ट बैंक का विलय और पवित्र स्थलों पर ऐतिहासिक यथास्थिति में रुकावट और हिंसा के लिए उकसाना भी किसी के हित में नहीं है।
अमेरिका ने अपने मित्र इस्राइल को चेताया है कि वह इस्राइसी बस्तियों के विस्तार और वेस्ट बैंक में विलय की कोशिश का समर्थन नहीं करेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि वे इस्राइल की सरकार को व्यक्तित्व के बजाय नीतियों से आंकेंगे। येरूशलम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी ऐसे कार्य का विरोध करना जारी रखेगा जो दो-राष्ट्र समाधान की संभावनाएं कमजोर करेगा।
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बता दें कि इस्राइल और फलस्तीन दोनों के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के केंद्र में येरूशलम है। ब्लिंकेन ने कहा, इस्राइल का विस्तार, वेस्ट बैंक का विलय और पवित्र स्थलों पर ऐतिहासिक यथास्थिति में रुकावट और हिंसा के लिए उकसाना भी किसी के हित में नहीं है। इस बीच, जे स्ट्रीट नेशनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ब्लिंकेन ने यह भी कहा कि अमेरिका येरूशलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्यता देना जारी रखे हुए है। ब्लिंकेन ने कहा कि बेंजामिन नेतन्याहू के इस्राइली पीएम बनने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन्हें बधाई दी और कहा कि वे नई सरकार के साथ साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए साथ काम करने रहने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा, हम मूल लोकतांत्रिक सिद्धांतों के लिए अपना समर्थन जारी रखेंगे। इसमें एलजीबीटी अधिकारों का सम्मान और इस्राइल के सभी नागरिकों के लिए न्याय का समान प्रशासन शामिल है।
वेस्ट बैंक में हिंसा पर चिंता
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, हम आम लोगों को निशाना बनाने वाले आतंकवाद या हिंसा की हमेशा निंदा करेंगे। साथ ही इसमें जो कोई भी शामिल होता है उसे भी हम जवाबदेह ठहराने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा, अमेरिका को इस बात की गहरी चिंता है कि इस साल वेस्ट बैंक में नाटकीय रूप से काफी हिंसा देखी गई है। इसमें इस्राइल और फलस्तीन दोनों देशों के लोग शामिल हैं। यह हिंसा बंद होनी चाहिए। साथ ही इसके अपराधियों को कानून के तहत समान न्याय मिलना चाहिए।
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इस्राइल का समर्थन जारी रखेंगे
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मतभेदों के बावजूद अमेरिका, इस्राइल का समर्थन करने से पीछे नहीं हटेगा। वाम समर्थित एक समूह से बात करते हुए ब्लिंकेन ने कहा कि कुछ दक्षिणपंथियों ने फलस्तीनियों और ईरान के प्रति अधिक सहानुभूति रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, अमेरिका निश्चित ही इस्राइल का पक्का मित्र बना रहेगा।