पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि ब्रिटिश पीएम ने उन्हें डिएगो गार्सिया एयरबेस का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी। ट्रंप ने तनाव के बीच इस कथित असहयोग को लेकर असंतोष का इजहार किया है। जानिए पूरा मामला
पश्चिम एशिया में इस्राइल और ईरान के बीच टकराव के कारण हालात चिंताजनक हैं। अमेरिका-इस्राइल एक साथ ईरान पर हमले कर रहे हैं। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने भी अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों से हमले किए हैं। पश्चिम एशिया में वैश्विक ताकतों के टकराव से उपजे तनावपूर्ण हालात के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर आमने-सामने आ गए हैं। ट्रंप ने आरोप लगाया है कि ब्रिटिश पीएम ने उन्हें ईरान पर हमले के लिए डिएगो गार्सिया एयरबेस का इस्तेमाल नहीं करने दिया। उन्हें ऐसे व्यवहार पर गहरा अफसोस हुआ है।
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ट्रंप ने 'टेलीग्राफ' के साथ इंटरव्यू में कहा कि वह ईरान पर हमले के लिए डिएगो कार्सिया सैन्य अड्डे के इस्तेमाल की अनुमति न देने पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर से बहुत निराश हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री का शुरू में अमेरिकी सेनाओं को चागोस द्वीप समूह के इस सैन्य अड्डे का इस्तेमाल करने से रोकना ऐसा था, जैसा दोनों देशों के संबंधों में पहले कभी नहीं हुआ।
ब्रिटेन ने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए पहले अमेरिका को डिएगो गार्सिया और आरएएफ फेयरफोर्ड जैसे ठिकानों से हमले करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, रविवार रात स्टार्मर का रुख बदला। उन्होंने कहा कि वह 'विशेष और सीमित रक्षा उद्देश्यों' के लिए ही डिएगो गार्सिया का इस्तेमाल करने देंगे। ट्रंप ने कहा कि स्टार्मर ने फैसला बदलने में बहुत ज्यादा समय लगा दिया। उन्होंने कहा, हमारे देशों के बीच ऐसा शायद पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने आगे यह भी कहा कि लगता है कि प्रधानमंत्री को इसकी कानूनी वैधता की चिंता थी।
चागोस समझौते को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
डिएगो कार्सिया को लेकर इस विवाद के चलते राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री के उस विवादित चागोस समझौते से समर्थन वापस ले लिया, जिसके तहत हिंद महासागर के इस क्षेत्र का स्वामित्व मॉरीशस को सौंपकर सैन्य अड्डा वापस लीज पर लेने की योजना थी। ट्रंप ने कहा, अचानक मॉरीशस ने मालिकाना हक का दावा करना शुरू कर दिया। उन्हें (कीर स्टार्मर) पर डटे रहना चाहिए था और इसे अपने पास रखना चाहिए था या फिर स्पष्ट तौर पर सौंप देना चाहिए था। लेकिन नहीं, हम कीर से बहुत निराश हैं।
ईरान को लेकर क्या कहा?
ईरान पर अमेरिकी हमलों के दो दिन बाद ट्रंप ने कहा कि यह अभियान तय समय से कापी आगे चल रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि स्टार्मर को शुरू से ही डिएगो गार्सिया के इस्तेमाल की अनुमति देनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान आपके देश (ब्रिटेन) के कई लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, ऐसे लोग हैं जो हाथ, पैर और चेहरे को चुके हैं। इनमें से 95 फीसदी मामलों के पीछे ईरान है। हालांकि, उन्होंने किसी विशेष घटना का जिक्र नहीं किया।