अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि जो भी देश अमेरिका में ड्रग्स भेजेंगे, वे सैन्य हमले के लिए तैयार रहें। ट्रंप ने साफ कहा कि ड्रग तस्करी में शामिल किसी भी देश पर अमेरिका जमीन पर हमला करने का भी विकल्प अपना सकता है।
इसी बीच, वेनेजुएला ने ट्रंप के एयरस्पेस बंद होने के दावे को खारिज करते हुए घोषणा की है कि अमेरिका से डिपोर्ट किए गए माइग्रेंट्स को लेकर आने वाली फ्लाइट्स पहले की तरह जारी रहेंगी। वेनेजुएला सरकार ने बताया कि ट्रंप प्रशासन के अनुरोध पर सप्ताह में दो बार चलने वाली चार्टर्ड फ्लाइट्स बंद नहीं होंगी। यह बयान उस घोषणा के विपरीत है जिसमें शनिवार को दावा किया गया था कि अमेरिका ने एकतरफा डिपोर्टेशन फ्लाइट्स रोक दी हैं।
13,000 से अधिक माइग्रेंट्स लौटे- वेनेजुएला सरकार
सरकार के अनुसार, इस साल अब तक 13,000 से अधिक वेनेजुएलन माइग्रेंट्स अमेरिकी चार्टर्ड फ्लाइट्स के जरिए देश लौट चुके हैं। ताजा फ्लाइट शुक्रवार को काराकास एयरपोर्ट पर उतरी।
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ड्रग-स्मगलर जहाजों पर अमेरिका के हमले जारी
पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका ने पूर्वी प्रशांत और वेनेजुएला के कैरेबियाई तट पर कई जहाजों पर सैन्य कार्रवाई की है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि इनमें से कई जहाज वेनेजुएला से जुड़े ड्रग कार्टेल संचालित करते हैं। ट्रंप ने कहा हम जानते हैं ड्रग्स कहां से भेजी जा रही हैं, कौन भेज रहा है और वे कहां रहते हैं। समय आने पर जमीन पर भी हमले होंगे। उन्होंने कोलंबिया का नाम लेते हुए कहा कि कोकीन बनाने और बेचने वाले देश भी कार्रवाई की जद में आएंगे।
संदिग्ध ड्रग्स बोट पर दूसरी कार्रवाई को लेकर अमेरिकी रक्षा मंत्री का बयान
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कैरेबियाई सागर में संदिग्ध ड्रग्स ले जा रही एक नाव पर की गई दूसरी हवाई कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह फैसला 'युद्ध की धुंध' यानी उस समय की अफरातफरी में लिया गया था। हेगसेथ ने बताया कि सितंबर की शुरुआत में जब दूसरी स्ट्राइक का आदेश दिया गया, उन्हें यह दिखाई नहीं दिया कि नाव से कुछ लोग पानी में जीवित बचे थे। उनका कहना है कि पहली कार्रवाई के बाद नाव “आग की लपटों में थी” और स्थिति काफी अस्पष्ट थी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पहली स्ट्राइक के बाद वह मिशन के बाकी हिस्से के लिए रुके नहीं और आगे की कार्रवाई का फैसला वहीं मौजूद एडमिरल ने लिया, जिस पर उन्हें पूरा भरोसा था। इस घटना पर जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे दूसरी स्ट्राइक के फैसले का समर्थन करते हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और वह इस मामले में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर निर्भर हैं।
युद्ध नहीं, संवाद बेहतर विकल्प- पोप ने दी नसीहत
तनाव बढ़ता देख पोप लियो XVI ने अमेरिका को सैन्य हमलों की जगह संवाद और आर्थिक दबाव जैसे शांतिपूर्ण विकल्प अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्थिति संवेदनशील है, और दोनों देशों में संवाद की कोशिशें जारी रखनी चाहिए।