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US: ईरान की तबाही पर ट्रंप झूठे या सच्चे! पेंटागन ने सबूतों के साथ बताया उस रात खामेनेई के देश में क्या हुआ?

Fri, 27 Jun 2025 08:54 AM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

Iran-US Conflict: ईरान पर अमेरिकी हमले को लेकर पेंटागन ने बंकर बस्टर बम के टेस्ट फुटेज जारी किए। अधिकारियों ने बताया कि 12 बम ईरान के परमाणु ठिकानों पर गिरे। ट्रंप ने हमले को पूरी तरह सफल बताया, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में नुकसान सीमित होने का दावा है।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : रॉयटर्स/एएनआई
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विस्तार
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दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में से एक अमेरिका है. वहां के सबसे बड़े नेता और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं. इन दिनों वो अपने बड़बोलेपन के कारण पूरी दुनिया की रडार पर हैं. इसी बीच ट्रंप ने सोशल ट्रुथ पर लिखा कि उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर उसे तहस नहस कर दिया। हालांकि इस पर ईरान ने तुरंत जवाब दिया और कहा इस हमले से उन्हें कोई भारी नुकसान नहीं हुआ। ऐसे में लोगों को ट्रंप की बात पर कम भरोसा हुआ। इसका कारण था उनका बड़बोलापन। इसीलिए इस खबर में जानेंगे आखिर उस रात खामेनेई के देश को कितना नुकसान हुआ था। साथ ही ये भी समझेंगे कि इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति कितना सच बोल रहे हैं। 
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अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब पेंटागन ने ईरान पर हुए उस बड़े हमले की असली फुटेज जारी की है, जिससे पूरी दुनिया में हलचल मच गई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने खुलासा किया कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला बेहद सोच-समझकर और सटीक तरीके से किया गया था पेंटागन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'बंकर बस्टर' बम का टेस्ट फुटेज दिखाया, जो जमीन के भीतर गहराई में जाकर विस्फोट करते हैं।अधिकारियों ने बताया कि कुल 12 ऐसे बम इस्तेमाल किए गए। जनरल केन ने कहा कि यह कोई सामान्य बम नहीं हैं, इनका असर सतह पर नजर नहीं आता, लेकिन नीचे तबाही मच जाती है।

ट्रंप के दावों पर उठे सवाल
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान पर हमला पूरी तरह कामयाब रहा और वहां से कुछ भी नहीं निकाला जा सका। उन्होंने लिखा कि वहां मौजूद वाहन कंक्रीट डालने वाले मजदूरों के थे, जो नुकसान छिपाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि पेंटागन ने माना कि कुछ खुफिया रिपोर्ट्स में हमले को लेकर लो कॉन्फिडेंस यानी कम भरोसे वाली जानकारी थी।
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ईरान की 'गुप्त' तैयारियों का खुलासा
अमेरिकी सेना ने बताया कि ईरान ने हमले से पहले ही अपने परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए वेंटिलेशन शाफ्ट पर कंक्रीट चढ़ाई थी। लेकिन हमले के दौरान पहले बम ने शाफ्ट खोल दिया और बाकी पांच बम 1000 फीट प्रति सेकंड की रफ्तार से भीतर जाकर विस्फोट कर गए।

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नतांज और इस्फहान पर भी निशाना
अधिकारियों ने बताया कि नतांज पर दो 'पेनेट्रेटर' बम गिराए गए जबकि इस्फहान पर अमेरिकी नेवी की पनडुब्बी से एक मिसाइल दागी गई। हालांकि इस्फहान की सुरंगों में छिपाए गए 880 पाउंड यूरेनियम के बारे में अमेरिकी अधिकारियों ने फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

सैन्य तैयारी की पूरी कहानी
जनरल केन ने बताया कि फोर्डो प्लांट पर हमले की तैयारी पिछले 15 साल से चल रही थी। अमेरिकी रक्षा एजेंसी के विशेषज्ञ, 30,000 पाउंड वजन के बम बनाने वाले इंजीनियर, 37 घंटे की मिशन उड़ान करने वाले पायलट और ईरानी जवाबी हमले से अमेरिकी बेस की रक्षा करने वाले सैनिक सभी ने इसमें अहम भूमिका निभाई।
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राजनीति से दूरी, ऑपरेशन पर फोकस
जहां हेगसेथ ने मीडिया पर हमला बोलते हुए ट्रंप की उपलब्धियों का जिक्र किया, वहीं जनरल केन ने किसी भी राजनीतिक टिप्पणी से परहेज किया और केवल सैन्य ऑपरेशन की तकनीकी बारीकियां साझा कीं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका-ईरान संबंधों में नई तल्खी जरूर भर दी है।

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