भारत में कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न हुई भयंकर स्थिति को लेकर हर तरफ चर्चा की जा रही है। यहां के हालात पर कई अंतरराष्ट्रीय देश चिंता व्यक्त कर चुके हैं। कोरोना की दूसरी लहर के कारण संकट से जूझ रहे देश को लेकर टॉप अमेरिकी सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, ‘भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर एक त्रासदी है।’
सभी देशों को साथ आने की है जरूरत
डॉ. विवेक ने संकट के दौरान एक दूसरे की मदद करने के लिए सभी देशों की आवश्यकता को रेखांकित किया। भारतीय-अमेरिकी डॉ. मूर्ति ने बृहस्पतिवार (6 मई) को एक समाचार चैनल से साक्षात्कार के दौरान कहा, ‘अगर कोविड-19 ने हमें कुछ भी सिखाया है, तो वह यह है कि दुनिया के विभिन्न देशों को महामारी से एकजुट होकर निपटने की जरूरत है।'
उन्होंने कहा, 'सभी देशों को एक साथ मिलकर सुनिश्चित करना चाहिए कि दुनिया के सभी देशों के पास वैक्सीन व पीपीई की पर्याप्त आपूर्ति हो, लोगों को जरूरी उपचार मिले।' साथ ही डॉ. मूर्ति ने चेताते हुए कहा कि जब तक दुनिया के हर हिस्से से कोरोना वायरस का पूरी तरह से खात्मा नहीं हो जाता, तब तक यह हर देश के लिए खतरा बना रहेगा।
टीकाकरण अभियान जारी रखने की सलाह
साक्षात्कार के दौरान डॉ. मूर्ति से सवाल किया गया कि यदि अमेरिका में भी भारत जैसी ही स्थिति उत्पन्न हो जाती तो क्या होता? इस पर उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसा कभी न हो। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति की संभावना हमेशा बनी रहती है और हमें इसके प्रति सचेत रहना होगा। उन्होंने कहा, ‘मैं पूरी तरह से आशावादी हूं कि हम इस देश में अच्छा काम करेंगे, खासकर अगर हम टीकाकरण अभियान में अपने प्रयासों को बनाए रखें।’
कोरोना वायरस का B117 वैरिएंट अधिक संक्रामक
डॉ. मूर्ति ने आगे कहा, ‘भारत में जो हो रहा है वह एक त्रासदी है और भारत के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती कोरोना वायरस का B117 वैरिएंट है। यह वैरिएंट अमेरिका में पिछले साल आए वैरिएंट की तुलना में कम से कम 50 प्रतिशत या उससे अधिक संक्रामक है, जिसके कारण भारत में कोविड के केस लगातार बढ़ रहे हैं।
कोविड-19 के 617 वैरिएंट को लेकर वैज्ञानिक कर रहे शोध
उन्होंने बताया कि दुनिया के 17 दोशों में पाए गए कोविड के भारतीय B1.617 वैरिएंट को लेकर वैज्ञानिकों का शोध अभी जारी है। उन्होंने कहा कि यह वैरिएंट अधिक संक्रमाक हो भी सकता है और नहीं भी। डॉ. विवेक मूर्ति ने कहा कि हमें यह बात हमेशा याद रखने की जरूरत है कि कोई भी एक व्यक्ति या देश अकेले कोरोना वायरस का सामना नहीं कर सकता, इसके लिए सभी देशों को एक साथ आना होगा।