ऑस्ट्रेलिया के ग्रेटर सिडनी में सोशल डिस्टेंसिंग नियम कड़ाई से लागू किया गया है। ऑस्ट्रेलिया के इस सबसे बड़े शहर में 50 वर्षीय व्यक्ति में कोविड-19 का भारतीय वेरिएंट पाया गया था जिसके बाद ये फैसला लिया गया।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉर्रिसन ने भारत से आने वाली उड़ानों पर रोक लगाने के अपने निर्णय का एक बार फिर बचाव करते हुए बुधवार को कहा कि इस निर्णय से कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कमी आने लगी है और यह कारगर साबित हो रहा है।
ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने इतिहास में पहली बार, अपने उन नागरिकों के देश लौटने पर हाल में रोक लगा दी है जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया वापस आने से पहले भारत में 14 दिन बिताए हैं।
सरकार ने धमकी दी है कि इस निर्देश का उल्लंघन करने वालेां पर मुकदमा चलाया जाएगा और पांच साल तक की जेल की सज़ा या 66,000 ऑट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना लगाया जाएगा। देश में कई सांसदों, डॉक्टरों और व्यापारियों ने नागरिकों का इस इस तरह का ‘परित्याग करने के’ सरकार के निर्णय की कड़ी आलोचना की है।
वही मोर्रिसन ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में अपने निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि इस तरह के प्रतिबंध लगाना काम कर रहा है। इसका मतलब है कि सरकार अब प्रत्यावर्तन उड़ानें के माध्यम से ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों और उनके परिवारों को वापस ला सकेगी।
उन्होंने कहा कि उड़ानों पर रोक लगाने के निर्णय का असर दिखने लगा है। हमारे होवर्ड स्प्रींग्स केंद्र में कोरोना संक्रमण की दर कम होने लगी है। हमारे लिए यह सुनिश्चित करना बेहद जरुरी था कि इस तरह हम अधिक ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों और निवासियों को घर पहुंचाने में अधिक मदद कर सकते हैं। विशेष कर इस तरह लाने से जिससे देश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का खतरा पैदा न हो। प्रत्यावर्तन उड़ानों को लगातार बहाल करने की दिशा में अच्छी प्रगति की जा रही है।