अमेरिकी थिंकटैंक एफएएस की रिपोर्ट के मुताबिक भारत 160 से अधिक परमाणु हथियार तैयार कर चुका है। देश के पास लगभग 730 किलो प्लूटोनियम मौजूद है। मौजूदा भंडार से 35 और हथियार बनाए जा सकते हैं।
भारत के परमाणु शस्त्रागार में अनुमानित रूप से 190 एटमी हथियार हैं, जिनमें नई मिसाइलों के लिए तैयार किए जा रहे 30 अतिरिक्त हथियार भी शामिल हैं। यही नहीं, उसके पास करीब 35 परमाणु हथियार तैयार करने लायक प्लूटोनियम भी रिजर्व भंडार में है।
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यह बात अमेरिका के एक गैर-सरकारी थिंकटैंक फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (एफएएस) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कही है। एफएएस ने यह अनुमान ओपन सोर्स पर उपलब्ध जानकारी, सरकारी डाटा और कमर्शियल सैटेलाइट से मिली तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर लगाया है। एफएएस के न्यूक्लियर इंफॉर्मेशन प्रोजेक्ट के निदेशक हंस क्रिस्टेनसेन के बुधवार को प्रकाशित लेख में कहा गया है कि भारत अपने परमाणु शस्त्रागार को लगातार आधुनिक बना रहा है।
730 किलो प्लूटोनियम मौजूद
एफएएस के मुताबिक, 2026 की शुरुआत तक इंटरनेशनल पैनल ऑन फिसाइल मटेरियल्स का अनुमान था कि भारत ने लगभग 730 किलोग्राम हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम का उत्पादन किया है। यह सैद्धांतिक रूप से 140 से 225 के बीच परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त होगा।
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परमाणु भंडार में वृद्धि की संभावना
लेख में कहा गया, भारत करीब 190 हथियार असेंबल कर चुका है। लेकिन यह सिर्फ अनुमानित संख्या है, क्योंकि हथियार में कितना प्लूटोनियम इस्तेमाल होगा, यह काफी हद तक उसके डिजाइन पर निर्भर करता है।
जमीन, हवा और समुद्र में बढ़ रही ताकत
एफएएस के मुताबिक, भारत जमीन, हवा और समुद्र तीनों माध्यमों से परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित कर रहा है।