अमेरिका के एक थिंक टैंक ने कहा है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया को चीन के व्यवहार की वजह से उसके खिलाफ अपनी नीति को धार देनी पड़ी है। इसने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के गठबंधनों और भागीदारियों को बहाल रखना कम्युनिस्ट देश के खिलाफ अधिक ताकत से प्रतिस्पर्धा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
'सेंटर फॉर ए न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी' ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि कोरोना की शुरुआत से पहले ही बीजिंग की बढ़ती आर्थिक शक्ति, सैन्य आधुनिकीकरण और आक्रामक राजनयिक प्रयास अमेरिका के प्रतिस्पर्धा लाभ के लिए प्रतिकूल साबित हो रहे थे। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बदल रहा था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी ने चीन के खिलाफ प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने के वास्ते अमेरिका के लिए अवसर उत्पन्न किए हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के गठबंधनों और भागीदारियों को बहाल रखना कम्युनिस्ट देश के खिलाफ अधिक ताकत से प्रतिस्पर्धा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।