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आईएनएफ संधि से अलग होते ही अमेरिका ने किया क्रूज मिसाइल का परीक्षण

Tue, 20 Aug 2019 10:06 PM IST
आसिम खान वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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सांकेतिक तस्वीर
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इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज (आईएनएफ) संधि से अलग होने के करीब दो सप्ताह बाद ही अमेरिका ने मीडियम रेंज की क्रूज मिसाइल का परीक्षण कर नए शीत युद्ध की दस्तक दे दी है। पेंटागन ने सोमवार इस बात की पुष्टि की है कि उसने 500 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली मिसाइल का परीक्षण किया है। इससे एक बार फिर दुनिया में खासकर रूस के साथ हथियारों होड़ शुरू हो सकती है।

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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूस के साथ शीत युद्ध के बाद हुई संधि से अलग होने के बाद हमने मीडियम रेंज क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया। मिसाइल को रविवार को अमेरिकी नौसेना ने कैलिफोर्निया के नियंत्रित सैन निकोलस द्वीप से लांच किया। यह मिसाइल ग्राउंड मोबाइल लांचर से छोड़ा गया, जिसने 500 किमी की दूरी पर स्थित अपने लक्ष्य को निशाना बनाया। मिसाइल को धरती की सतह से लांच किया गया। 

पेंटागन ने दावा किया कि उसका यह परीक्षण सफल रहा। मिसाइल ने तय समय पर यह दूरी तय करके अपने लक्ष्य को साधने में सफल रही। पिछले दिनों अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा था कि आईएनएफ संधि से हटने के बाद वाशिंगटन पारंपरिक ग्राउंड-लांच मिसाइलों को पूरी तरह विकसित करेगा। उन्होंने इस कदम को रूसी कार्रवाई के जवाब में उचित कदम बताया था।
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2 अगस्त को संधि से अलग हुआ था वाशिंगटन

अमेरिका ने 2 अगस्त को रूस के साथ 1987 में हुई आईएनएफ संधि से खुद को अलग करने की घोषणा की थी। अगले ही दिन रूस ने भी संधि से हटने का एलान कर दिया था। इस संधि से अलग होने के पीछे अमेरिका ने तर्क दिया था कि रूस लगातार इसका उल्लंघन कर रहा है और जब तक वह मध्य दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण करता रहेगा तब तक वाशिंगटन इस संधि का पालन नहीं करेगा।

सैन्य तनाव को बढ़ाएगा मिसाइल टेस्ट: रूस

अमेरिका के मिसाइल परीक्षण पर उसके चिर प्रतिद्वंद्वी रूस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को रूस ने कहा कि अमेरिका ने क्रूज मिसाइल का परीक्षण कर सैन्य तनाव को बढ़ाने का काम किया है। रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रेबकोव ने सरकारी न्यूज एजेंसी तास से कहा, ‘यह बेहद अफसोस की बात है। निश्चित रूप से अमेरिका का यह कदम सैन्य तनाव को बढ़ाएगा।’ 

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