विदेश मंत्री एस जयशंकर (फाइल फोटो)
बांग्लादेश दौरे पर आए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दो टूक शब्दों में कहा कि असम में जारी एनआरसी की प्रक्रिया भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने मंगलवार को अपने बांग्लादेशी समकक्ष एके अब्दुल मोमेन से लंबी बातचीत की। द्विपक्षीय बातचीत के बाद जयशंकर ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि असम में अवैध विदेशियों की पहचान और एनआरसी की प्रक्रिया भारत का आंतरिक मामला है। एनआरसी प्रक्रिया को लेकर बांग्लादेश चिंतित है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर बताया कि जयशंकर की बांग्लादेश के विदेश मंत्री मोमेन से सकारात्मक बातचीत हुई। रवीश ने कहा कि भारत अक्तूबर में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की मेजबानी के लिए उत्सुक है। लंबित तीस्ता जल समझौते पर जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी पुरानी प्रतिबद्धता पर कायम है।
सितंबर, 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बांग्लादेश के दौरे पर गए थे, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कड़ी आपत्तियों के बाद अंतिम समय में इस करार पर हस्ताक्षर नहीं हो सके थे। वहीं, बांग्लादेशी विदेश मंत्री मोमेन ने कहा कि उनके भारतीय समकक्ष के साथ बैठक अच्छी रही। हम सभी मुद्दों पर सहमति के और करीब आए हैं।