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Tariff: 'ट्रंप, भारत से स्कूली बच्चों जैसा व्यवहार कर रहे, वे इतिहास से वाकिफ नहीं', अमेरिकी पत्रकार का तंज

Sun, 31 Aug 2025 11:24 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

सांचेज बोले- भारत का वैश्विक इतिहास में योगदान यूरोप और मेसोपोटामिया से बिल्कुल भी कम नहीं है। लेकिन जब आप उसे स्कूली बच्चा समझते हैं तो भारत अमेरिका को कहता है कि आप हमें नहीं बताएंगे कि हमें क्या करना है। यह परिवर्तनकारी समय है।
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डोनाल्ड ट्रंप, नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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अमेरिका के वरिष्ठ पत्रकार रिक सांचेज ने भारत पर टैरिफ लगाने के लिए अपनी सरकार की तीखी आलोचना की है। सांचेज ने कहा है कि ट्रंप सरकार को भारत के इतिहास और उसकी अहमियत का कोई अंदाजा नहीं है और यही वजह है कि वे बिना सोचे समझे फैसले ले रहे हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में सांचेज ने कहा कि ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो द्वारा यूक्रेन युद्ध को मोदी का युद्ध कहने पर कहा कि 'उनका बयान पर हंसा ही जा सकता है। वे कोई बहुत बुद्धिमान व्यक्ति नहीं हैं और न ही वे कोई बड़े विचारक हैं।' 
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भारत के इतिहास के बारे में नहीं जानता ट्रंप प्रशासन
सांचेज ने कहा कि 'ग्लोबल साउथ के बारे में मेरे देश की समझ बहुत सीमित है। वे भारत के इतिहास, भारत और चीन के रिश्तों और रूस-यूक्रेन के रिश्तों के बारे में कुछ नहीं जानते। तभी वे मूर्खतापूर्ण बयान देते हैं। नव-रूढ़िवादी, हथियार उद्योग से जुड़े लोग ट्रंप को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कहीं न कहीं ट्रंप को अहसास है कि उन्होंने गलत मोड़ ले लिया है और यही वजह है कि ट्रंप अब ग्लोबल साउथ और यूरोपीय  संघ को बराबर महत्व देते दिखाई दे रहे हैं और संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।'
 

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दुनिया के लिए ये बेहद अहम समय
रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर टैरिफ लगाने के ट्रंप प्रशासन के फैसले की आलोचना करते हुए सांचेज ने कहा कि 'यह बेहद अहंकारी नीति है। ट्रंप प्रशासन, भारत से स्कूली बच्चे जैसा व्यवहार कर रहा है। लेकिन भारत कोई स्कूली बच्चा नहीं है बल्कि एक बड़ी ताकत है। भारत का एक इतिहास है, उसके पास संसाधन हैं और काफी क्षमताएं हैं। भारत ने दुनिया के लिए जो किया है, वह बेहद अहम है। भारत का वैश्विक इतिहास में योगदान यूरोप और मेसोपोटामिया से बिल्कुल भी कम नहीं है। लेकिन जब आप उसे स्कूली बच्चा समझते हैं तो भारत अमेरिका को कहता है कि आप हमें नहीं बताएंगे कि हमें क्या करना है। यह परिवर्तनकारी समय है। इतिहासकार जब पीछे मुड़कर देखेंगे तो ये वो पल होगा, जब दुनिया की महाशक्ति अमेरिका के प्रभुत्व में कमी आनी शुरू हुई। अब ताकत ग्लोबल साउथ की तरफ स्थानांतरित हो रही है, जिसमें भारत, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे देश हैं।'
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अमेरिकी पत्रकार सांचेज ने ये भी कहा कि भारत ने पाकिस्तान के साथ संघर्ष में मध्यस्थता का श्रेय ट्रंप को नहीं दिया है, जिससे ट्रंप निजी तौर पर भारत से नाराज हैं और 50 फीसदी टैरिफ लगाने के पीछे ये भी एक वजह है। 

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