अमेरिका के बंदूक कानूनों के मुताबिक घरेलू हिंसा करने वालों को बंदूक नहीं मिलती थी ताकि आगे और हिंसा न हो सके, लेकिन बाद में इस कानून को बदल दिया गया और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रखने का हक दे दिया गया था। हालांकि, अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश इस संघीय कानून को चुनौती देने के इच्छुक दिखाई दिए।
निचली अदालत के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के जज बाइडन सरकार के वकील के उस तर्क से सहमत दिखे, जिसमें कहा गया कि इस तरह के प्रतिबंध खतरनाक लोगों से हथियार छीनने की पुरानी परंपरा का ही हिस्सा है।
बंदूक रखने से रोका जा सकता
इस दौरान, 6-3 बहुमत रखने वाले कुछ रूढ़िवादी न्यायाधीशों ने प्रशासन के तर्क के दायरे पर सवाल उठाया कि दूसरे संशोधन के तहत, जो लोग कानून का पालन करने वाले और जिम्मेदार नहीं हैं ( घरेलू दुर्व्यवहार करने वाले) को बंदूक रखने से रोका जा सकता है।
कंजर्वेटिव मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने जिम्मेदार शब्द पर ध्यान केंद्रित किया, यह सुझाव देते हुए कि यह बहुत बड़ा शब्द है। प्रशासन का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल एलिजाबेथ प्रेलोगर ने रॉबर्ट्स को बताया कि 'जिम्मेदार नहीं' शब्द वह मानक है, जिसे अदालत ने पिछले 15 वर्षों में तीन प्रमुख बंदूक अधिकार फैसलों में आग्नेयास्त्र प्रतिबंधों के लिए व्यक्त किया है।
यह है मामला
मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने राइट से पूछा कि क्या आपको रहीमी खतरनाक नहीं लगता? इस पर राइट ने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप खतरनाक से क्या मतलब रखते हैं, तो मुख्य न्यायाधीश ने पलटकर जवाब दिया, कोई जो लोगों पर गोली चला रहा है, यह एक शुरुआत है।
75 हजार बंदूकों की बिक्री पर रोक
न्यायमूर्ति ब्रेट कावानाह ने चिंता जताई कि रहीमी के खिलाफ फैसला पृष्ठभूमि जांच प्रणाली को भी खतरे में डाल सकता है, जिसके बारे में डेमोक्रेटिक प्रशासन ने कहा है कि उसने घरेलू हिंसा के सुरक्षात्मक आदेशों के आधार पर पिछले 25 वर्षों में 75,000 से अधिक बंदूकों की बिक्री पर रोक लगाई है।