अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को अवैध ठहरा दिया है। इन टैरिफ का असर भारत समेत कई देशों पर पड़ा था। फैसले के बाद वैश्विक व्यापार जगत में हलचल बहुत हीं तेज हो गई है। सवाल ये खड़े हो रहे हैं कि कोर्ट के इस फैसले के बाद क्या भारतीय निर्यातकों को रिफंड मिलेगा या सिर्फ ये एक राहत है? आइए समझते हैं...
दुनियाभर में चर्चा का केंद्र बने अमेरिकी टैरिफ पर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका की सर्वोच्च अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगाए गए व्यापक टैरिफ को गैरकानूनी करार दे दिया है। यह वही टैरिफ हैं जिनके जरिए ट्रंप ने दोस्त हो या फिर दुश्मन सभी देशों पर सख्त आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश की थी। इस नीति का शिकार पहले भारत भी हुआ था। ऐसे में अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने वैश्विक राजनीति और व्यापार जगत में हलचल तेज कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन टैरिफ की मार झेलने वाली भारतीय निर्यातकों को कोई राहत या रिफंड मिलेगा?
इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि जब कोई अमेरिकी कंपनी भारत से सामान मंगाती है, तो वही कंपनी अमेरिकी कस्टम विभाग को टैरिफ का भुगतान करती है। बाद में यह अतिरिक्त लागत अमेरिकी उपभोक्ताओं से वसूली जाती है। इसलिए यदि कोई रिफंड प्रक्रिया शुरू होती है तो उसका लाभ अमेरिकी आयातकों को मिलेगा, न कि भारतीय निर्यातकों को।
कुछ कंपनियां पहले हीं मांग चुकी है रिफंड
रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ अमेरिकी कंपनियां, जिनमें खुदरा क्षेत्र की बड़ी कंपनी कॉस्टको भी शामिल है, पहले ही अदालत में रिफंड की मांग कर चुकी हैं। हालांकि व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि रिफंड की प्रक्रिया लंबी कानूनी लड़ाई के बाद ही संभव होगी और इसमें कई साल लग सकते हैं।
भारतीय निर्यातकों पर कैसा असर होगा, ये भी समझिए
इस बात ऐसे समझे कि एक तरफ टैरिफ का भुगतान अमेरिकी आयातकों ने किया, लेकिन इसका सीधा असर भारतीय निर्यातकों पर पड़ा। ऊंचे शुल्क की वजह से भारतीय उत्पाद अमेरिका में महंगे हो गए, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता कम हो गई। कई सेक्टर जैसे फार्मा, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स और केमिकल्स को ऑर्डर घटने और कीमतें कम करने का दबाव झेलना पड़ा। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भले ही टैरिफ अब अवैध घोषित हो गए हों, लेकिन जो नुकसान इस अवधि में हुआ, उसकी भरपाई के लिए अमेरिका में कोई स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं है।
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