अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जानकारी कि उसने अब तक एक लाख से अधिक वीजा रद्द किए हैं। इनमें करीब आठ हजार छात्र वीजा और लगभग ढाई हजार विशेष श्रेणी के वीजा शामिल हैं। ये वीजा उन लोगों के थे, जिनका आपराधिक गतिविधियों के चलते अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सामना हुआ था।
अमेरिका को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे अपराधियों को देश से बाहर भेजने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
ये भी पढ़ें:
'फिलहाल अमेरिका से नहीं हो रही कोई बात..', ट्रंप की धमकी पर क्या बोले क्यूबा के राष्ट्रपति दियाज-कानेल?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि जिन लोगों के वीजा रद्द किए गए हैं, उनमें ऐसे विदेशी नागरिक शामिल हैं जिन पर मारपीट, चोरी और नशे की हालत में वाहन चलाने जैसे अपराधों में आरोप तय हुए थे या सजा हो चुकी थी। पिगॉट ने लिखा, एक साल से भी कम समय में ट्रंप प्रशासन ने एक लाख से अधिक वीजा रद्द किए हैं। उन्होंने इसे आव्रजन कानूनों को सख्ती से लागू करने की दिशा में अहम कदम बताया।
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में रद्द किए गए वीजा की संख्या अब तक की सबसे ज्यादा है। यह आंकड़ा पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में वर्ष 2024 में रद्द किए गए कुल वीजा से दोगुना से भी अधिक है।
कौन प्रभावित हुए?
विदेश मंत्रालय ने फॉक्स न्यूज को बताया कि ज्यादातर मामलों में उन कारोबारी और पर्यटक यात्रियों के वीजा रद्द किए गए, जिन्होंने तय समय से ज्यादा अमेरिका में रुककर वीजा का उल्लंघन किया था। इसके अलावा, नशे में वाहन चलाने, मारपीट, चोरी, बच्चों से जुड़े अपराध, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों में गिरफ्तारी या आरोप लगने के मामलों में भी वीजा रद्द किए गए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में करीब 500 छात्र वीजा भी रद्द किए गए।
ये भी पढ़ें:
शक्सगाम घाटी पर भारत की लताड़ से बौखलाया चीन: क्षेत्र पर अपना दावा दोहराया; अवैध परियोजनाओं का किया बचाव
आव्रजन नियमों में सख्ती
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब ट्रंप प्रशासन अमेरिका की आव्रजन प्रणाली में सख्ती से बड़े बदलाव कर रहा है। तेजी से हो रही निर्वासन की कार्रवाई के साथ-साथ अब वीजा जारी करने के मानकों को भी कड़ा किया गया है। इससे सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सरकार के सख्त रुख का संकेत मिलता है।