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दूसरे महीने में पहुंचा अमेरिकी शटडाउन: सरकारी कर्मचारी कंगाल, भूख से जूझ रहे परिवार; जरूरी सेवाएं हो रहीं ठप

Sat, 01 Nov 2025 04:37 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

US Shutdown In Second Month: अमेरिका में शटडाउन का मामला अब सिर्फ राजनीतिक जिद का मामला नहीं रहा, बल्कि करोड़ों आम अमेरिकियों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डाल रहा है। सरकारी कर्मचारियों के खाली जेब, बंद दफ्तर और भूख से जूझते परिवार- यह सब साबित हो रहा है कि राजनीति के आगे सबकुछ ठहर जाता है।
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व्हाइट हाउस - फोटो : ANI
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विस्तार
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वॉशिंगटन में एक महीने पहले शुरू हुआ सरकारी गतिरोध अब पूरे देश में संकट का रूप ले चुका है। 1 अक्तूबर से शुरू हुआ यह सरकारी शटडाउन अब दूसरे महीने में पहुंच गया है और इसके कारण लाखों अमेरिकी मुश्किल में हैं। सरकारी कर्मचारी तंगी में हैं, कई के पास खाने के पैसे नहीं बचे हैं, और जरूरी सेवाएं धीरे-धीरे ठप पड़ रही हैं।
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क्यों हुआ शटडाउन?
सरकार और विपक्ष के बीच स्वास्थ्य बीमा के फंड को लेकर टकराव जारी है। यह वही योजना है जिससे करीब 2 करोड़ अमेरिकी सस्ती दरों पर स्वास्थ्य बीमा ले पाते हैं। विपक्षी डेमोक्रेट्स का कहना है कि जब तक इन सब्सिडी को बहाल करने का समझौता नहीं होता, सरकार दोबारा नहीं खुलेगी। वहीं सत्ता पक्ष यानी रिपब्लिकन पार्टी का रुख है कि बातचीत तभी होगी जब सरकार को पहले दोबारा खोला जाए। इस राजनीतिक खींचतान के चलते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपकी सरकार ठप पड़ी है।

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सरकारी कर्मचारियों की बदहाली
फेडरल दफ्तर बंद हैं, और हजारों सरकारी कर्मचारी पिछले कई हफ्तों से वेतन नहीं पा सके हैं। कई कर्मचारियों को अब खाने के लिए फूड बैंक पर निर्भर रहना पड़ रहा है। रिपब्लिकन नेता टॉम एमर ने कहा, 'पिछले महीने ट्रंप ने सैनिकों को वेतन दिलाने का तरीका निकाल लिया था, इसलिए लोगों को असर देर से दिखा। लेकिन अब हालात गंभीर हो रहे हैं।'

खतरे में खाद्य सहायता कार्यक्रम
सबसे बड़ा झटका पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम (एसएनएपी) को लगा है। यह योजना 4.2 करोड़ गरीब अमेरिकियों को खाने का सामान खरीदने में मदद करती है। फंड खत्म होने के कगार पर है और इस सप्ताहांत से इसका असर लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। रोड आइलैंड की एक अदालत ने सरकार को आपातकालीन फंड से इस योजना को जारी रखने का आदेश दिया है, लेकिन व्हाइट हाउस कानूनी कारण बताकर पैसे जारी करने से हिचक रहा है। वहीं कृषि सचिव ब्रुक रोलिन्स से जब पूछा गया कि क्या वे अदालत के आदेश का पालन करेंगी, तो उन्होंने जवाब दिया, 'हम सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।'

महिलाओं और बच्चों के कार्यक्रम भी ठप
डब्ल्यूआईसी योजना- जो गर्भवती महिलाओं, नई माताओं और छोटे बच्चों को पोषण देती है- फंड की कमी से बंद होने की कगार पर है। इसी तरह हेड स्टार्ट कार्यक्रम, जो 65,000 बच्चों को पोषण और शिक्षा सहायता देता है, शनिवार से बंद हो सकता है।

सामुदायिक मदद की पहल
कई स्थानीय लोग अब जरूरतमंद पड़ोसियों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। मैरीलैंड की 55 वर्षीय कैरी चॉसमर ने कहा, 'मैं दो परिवारों के लिए किराने का सामान खरीद रही हूं। इससे मुझे करीब 200 डॉलर का खर्च आएगा। किसी समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह जरूरतमंदों की कितनी मदद करता है… और फिलहाल हम असफल हो रहे हैं।'
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हवाई यात्रा पर असर और ट्रंप की भूमिका
सरकारी कामकाज ठप होने से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स की कमी पड़ रही है। न्यूयॉर्क के जेएफके, नेवार्क, और लागार्डिया एयरपोर्ट पर उड़ानें देरी से चल रही हैं। जेएफके पर उड़ानों में एक घंटे तक की देरी रही। वहीं नेवार्क पर तीन घंटे तक और लागार्डिया पर पांच घंटे तक की देरी की आशंका जताई गई है। राष्ट्रपति ट्रंप अभी तक विवाद से दूरी बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, 'हम डेमोक्रेट्स से बात करेंगे, लेकिन पहले उन्हें सरकार खोलनी होगी। गलती उनकी है, समाधान बहुत आसान है।'
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