पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन बडे़ पैमाने पर सैन्य गतिविधियां बढ़ाकर पड़ोसियों को उकसा रहा है। अमेरिका ऐसे देशों के साथ कतई खड़ा नहीं होगा, जो अकारण ही शांतिपूर्ण देशों को सैन्य कार्रवाई से डराने-धमकाने की कोशिश करते रहते हैं। एक अमेरिकी सांसद टेड योहो ने कहा, वक्त आ चुका है कि दुनिया एकजुट होकर चीन से कहे कि अब बस, बहुत हो चुका।
रिपब्लिकन सांसद योहो ने कहा, दुनिया कोरोना महामारी में व्यस्त है, ऐसे में इसका फायदा उठाते हुए चीन की कम्युनिस्ट पार्टी बडे़ पैमाने पर भारत के खिलाफ उकसावे की कार्रवाई कर रही है। चीन ऐसा सिर्फ भारत के साथ ही नहीं कर रहा है।
बल्कि वह हांगकांग, ताइवान, वियतनाम जैसे क्षेत्र के बाकी पड़ोसियों के साथ भी नापाक करतूत को अंजाम दे रहा है। इससे पहले प्रतिनिधि सभा में अरसे तक भारतीय-अमेरिकी सांसद रहे एक और संसद सदस्य डॉ. एमी बेरा ने ट्वीट कर कहा, भारत की सीमा पर चीन का आक्रामक रवैया बेहद चिंताजनक है।
सीमा पर विवाद को सेना की तैनाती के बजाय कूटनीति से हल करे चीन
बेरा ने एक और ट्वीट में कहा, भारत के साथ सीमा विवाद को चीन को कूटनीतिक के जरिये सुलझाना चाहिए, न कि सेना के जरिये। एशिया पर बनी संसद के विदेश मामलों की उप समिति के प्रमुख बेरा ने कहा, एलएसी पर सैन्य बलों की ज्यादा तैनाती से कुछ हासिल नहीं होगा और न ही विवाद को हल करने में यह मददगार होगा।