पोलैंड में रविवार को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होंगे। इस चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति अन्द्रेजज डूडा दूसरा कार्यकाल हासिल करने के लिए प्रयासरत हैं। दक्षिणपंथी डूडा ने हाल में एलजीबीटी समुदाय के अधिकारों को खतरनाक विचारधारा के रूप में दर्शाया था, जबकि अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से व्हाइट हाउस में आमंत्रित किए गए थे।
ये मुद्दे उनके लिए चुनावी परीक्षण जैसे साबित हो सकते हैं। डूडा की दक्षिणपंथी लॉ एंड जस्टिस पार्टी कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए लोकप्रिय हैं, लेकिन इसकी रूढ़िवादी छवि चुनावों में भारी पड़ सकती है।
डूडा ने शुक्रवार को चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, पोलैंड बदल चुका है। यह बेहतर होने के लिए बदला है। हम वादा करते हैं कि पश्चिमी यूरोपीय जीवन स्तर को प्राप्त करने के लिए हम काम करते रहेंगे। 2015 में राष्ट्रपति बने 48 साल के डूडा के कार्यकाल में यूरोपीय संघ से पोलैंड के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है।
जबकि शीर्ष अदालतों और अन्य प्रमुख न्यायिक निकायों पर पार्टी को नियंत्रण देने वाले विवादास्पद कानूनों के खिलाफ लोग कई बार सड़कों पर भी उतरे हैं। यूरोपीय संघ ने पोलैंड में लोकतांत्रिक मानकों के उल्लंघन के रूप में कानूनों की कड़ी निंदा की है। कोरोना वायरस महामारी के बीच यूरोप में लोकलुभावन नेताओं के लिए यह एक और चुनावी परीक्षा बताई जा रही है। पिछले सप्ताह ही सर्बिया के दक्षिणपंथी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर व्यूसिस ने संसदीय चुनाव में सत्ता पर पकड़ मजबूत की, जिसका विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया।
- 11 उम्मीदवारों में सबसे लोकप्रिय
पोलैंड में होने जा रहे चुनाव में 11 उम्मीदवार खड़े हैं, जिनके लिए 50 फीसदी वोट पाना कठिन साबित हो सकता है। इन लोगों में फिलहाल डूडा ही सबसे ज्यादा प्रभावशाली नजर आ रहे हैं जो दक्षिणपंथी लॉ एंड जस्टिस पार्टी के समर्थन से दूसरा कार्यकाल हासिल करना चाहते हैं।