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Ravi Chaudhary: कौन हैं रवि चौधरी, जिन्हें अमेरिकी वायुसेना में सहायक सचिव बनाया गया, ये होगी जिम्मेदारी

Thu, 16 Mar 2023 08:41 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रवि चौधरी अब तक फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) के वाणिज्यिक अंतरिक्ष परिवहन मिशन के समर्थन में उन्नत विकास और अनुसंधान कार्यक्रमों के निष्पादन के लिए जिम्मेदार थे। परिवहन विभाग में रहते हुए उन्होंने क्षेत्रों और केंद्र संचालन के कार्यकारी निदेशक के रूप में भी काम किया, जहां उन्होंने नौ क्षेत्रों में विमानन संचालन के एकीकरण और समर्थन को देखा।
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रवि चौधरी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अमेरिकी सिनेट ने बुधवार को भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक रवि चौधरी को यूएस एयरफोर्स का असिस्टेंट सेक्रेटरी यानी सहायक सचिव बना दिया है। रवि एयरफोर्स में ऊर्जा, इंस्टॉलेशन और पर्यावरण संबंधी मामलों की जिम्मेदारी निभाएंगे। सीनेट में हुई वोटिंग के दौरान चौधरी के पक्ष में 65 वोट पड़े। 29 सदस्यों ने उनके खिलाफ वोट डाला। उन्हें पेटागन (अमेरिकी सेना मुख्यालय) में टॉप सिविलियन लीडरशिप के पदों में से एक पद मिला है। चौधरी वायुसेना के सहायक सचिव बनने वाले पहले भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं। वह मिनिएपोलिस के रहने वाले हैं।
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रवि चौधरी अब तक फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) के वाणिज्यिक अंतरिक्ष परिवहन मिशन के समर्थन में उन्नत विकास और अनुसंधान कार्यक्रमों के निष्पादन के लिए जिम्मेदार थे। परिवहन विभाग में रहते हुए उन्होंने क्षेत्रों और केंद्र संचालन के कार्यकारी निदेशक के रूप में भी काम किया, जहां उन्होंने नौ क्षेत्रों में विमानन संचालन के एकीकरण और समर्थन को देखा।

लंबे समय तक एयरफोर्स में दी सेवाएं
रवि चौधरी ने अमेरिकी वायुसेना में 1993 से 2015 तक पायलट के रूप में एक्टिव ड्यूटी की है। उन्होंने अफगानिस्तान और इराक में हुई लड़ाई में हिस्सा लिया है। वायुसेना से रिटायर होने के बाद चौधरी ने फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के कमर्शियल स्पेस ऑफिस में पांच साल काम किया। पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने उन्हें एशियाई अमेरिकियों और प्रशांत द्वीपसमूह पर राष्ट्रपति के सलाहकार आयोग में सेवा देने के लिए नियुक्त किया था। इस भूमिका में उन्होंने एएपीआई समुदाय के लिए पूर्व सैनिकों के समर्थन में सुधार के लिए कार्यकारी शाखा के प्रयासों पर राष्ट्रपति को सलाह दी।
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इससे पहले अपने करियर में उन्होंने ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) के लिए स्पेस लॉन्च ऑपरेशंस के लिए काम किया और पहले जीपीएस समूह की पूर्ण परिचालन क्षमता सुनिश्चित करने के लिए तीसरे चरण और उड़ान सुरक्षा गतिविधियों का नेतृत्व किया। एक सिस्टम इंजीनियर के रूप में चौधरी ने नासा के अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नासा के अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन सुरक्षा गतिविधियों का समर्थन भी किया। 

चौधरी के बारे में और जान लीजिए
  • जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय डीएलएस से एग्जिक्यूटिव लीडरशिप और इनोवेशन में स्पेशलाइजिंग डॉक्टरेट की उपाधि ली है। 
  • सेंट मैरी यूनिवर्सिटी से एमएस इन इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। 
  • नासा के ग्रेजुएट फैलो रह चुके हैं। 
  • एयर यूनिवर्सिटी से ऑपरेशनल आर्ट्स एंड मिलिट्री साइंस में एमए की पढ़ाई की है। 
  • यूएस एयरफोर्स एकेडमी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। 
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