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अमेरिका ने रूसी मिसाइल प्रणाली की खरीद के लिए तुर्की पर लगाए प्रतिबंध

Tue, 15 Dec 2020 12:37 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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US Secretary of State Mike Pompeo - फोटो : ANI
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तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैय्यब एर्दोगन के बुरे दिन अब शुरू हो गए हैं। यूरोपीय यूनियन के बाद अब अमेरिका ने तुर्की के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका ने तुर्की पर रूसी मिसाइल प्रणाली की खरीद को लेकर प्रतिबंध लगाया है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने बताया कि 'रूसी एस -400 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली की खरीद के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका ने तुर्की पर प्रतिबंध लगाए हैं।'

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बता दें कि तुर्की की अर्थव्यवस्था और वहां की मुद्रा लीरा पहले से ही बुरे दौर में हैं। ऐसे में एर्दोगन के सनकीपन की कीमत वहां की जनता को चुकानी पड़ेगी। अमेरिका पहले से ही तुर्की द्वारा रूस से एस-400 डिफेंस सिस्टम की खरीद को लेकर नाराज चल रहा है।

अमेरिका ने कहा है कि रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को खरीदकर तुर्की ने नियमों को तोड़ा है। जिसके बाद तुर्की पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया। इस दौरान तुर्की के प्रेसिडेंसी ऑफ डिफेंस इंडस्ट्री और उसके प्रमुख इस्माइल डेमीर को प्रतिबंधित किया जाएगा। बता दें कि इस संस्था के जरिए ही तुर्की हथियारों की खरीद-बेंच और उसके विकास से कामों की निगरानी करता है। अमेरिका के इन प्रतिबंधों से तुर्की के डिफेंस इंडस्ट्री को भारी नुकसान होने वाला है।

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वहीं अक्तूबर महीने में तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने अमेरिका को चुनौती देते हुए कहा था कि वह जो आर्थिक प्रतिबंध लगाना चाहता है, लगा कर देख ले। उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों द्वारा इस्लाम और कट्टररपंथी मुसलमानों पर व्यक्त किए विचारों को लेकर कहा कि मैक्रों को मानसिक उपचार की जरूरत है। बता दें कि अमेरिका ने तुर्की को चेताया था कि वह नागोर्नो-कराबाख के संघर्ष से दूर रहे।

इस पर एर्दोगन ने कहा कि ‘आप जो भी प्रतिबंध लगाना चाहते हैं, देर ना करें।’ तुर्की के नेता ने रूस निर्मित एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के परीक्षण के बाद अमेरिका द्वारा दी गई प्रतिबंध लगाने की धमकी का जिक्र किया। एर्दोगन ने कहा कि जब हमने एफ-35 की शुरुआत की तब भी आपने हमें धमकी दी। आपने कहा था कि ‘एस-400 रूस वापस भेज दो’, लेकिन हम कोई कबीलाई देश नहीं हैं, हम तुर्की हैं।

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