बैठक के बाद क्वाड के ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को एंटनी ब्लिंकन ने संबोधित किया। जिसमें उन्होंने अपने इंडोनेशिया दौरे की चर्चा की। उन्होंने कहा कि हम स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की बात करते हैं। क्वाड ग्रुप एक साथ काम करने की स्वतंत्रता का हकदार है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र की साझेदारी पर अमेरिका के सेक्रेटरी ने कहा कि इससे लोगों की जिंदगी आसान होगी। लोग खुले समाज में रह सकेंगे। क्वाड का मतलब होगा कि देश अपना रास्ता और सहयोगी चुन सकेंगे। उन्होंने कहा कि सबकी सहमति बन जाने पर समस्याओं को खुले तौर पर निपटाया जाएगा।
वहीं, COVID-19 के ग्लोबल एक्शन प्लान पर ब्लिंकन ने कहा कि बैठक में शामिल प्रत्येक क्वाड देश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ये देश क्षेत्र की सीमा से बाहर निकलकर महामारी को खत्म करने में सहयोग करेंगे। साथ ही हम सभी टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी के लिए स्टैंडर्ड नियम बनाएंगे। जिससे हमारे देशों के नागरिकों की जिंदगी आसान होगी। हम ASEAN के साथ अपना विस्तार करेंगे। APEC की मेजबानी संयुक्त राज्य अमेरिका अगले साल और प्रशांत द्वीप समूह में करेगा।
अंत में ब्लिंकन ने कहा कि क्वाड एक सकारात्मक साझेदारी रही है और हमेशा रहेगी, जो किसी भी देश या देशों के समूह के विरोध में नहीं है, बल्कि इस विश्वास में है कि एक साथ हम अपने देश से बाहर निकलकर अधिक प्रगति कर सकते हैं। आमलोगों की समस्या पर यूएस के सेक्रेटरी ने कहा कि लोगों की मदद करने से अवसर खत्म हो जाते हैं लेकिन क्वॉड का एजेंडा लोगों को सशक्त बनाना है, जिससे वो अवसरों से लाभ उठा सके।
बता दें कि बैठक में भारत, जापान, अमेरिका और मेजबान ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल हो रहे हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक में कहा कि चारों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत हैं, अब क्वाड में भी हमारे रिश्ते मजबूत होना चाहिए। बैठक के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयशंकर ने कहा कि हम ऐसा एजेंडा बना रहे हैं, जिससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त, खुला और समावेशी बनाया जाएगा।