संयुक्त राष्ट्र महासभा की उच्च स्तरीय बैठक से पहले अमेरिका ने फलस्तीनी अथॉरिटी और पीएलओ के कई अधिकारियों के वीजा रद्द कर दिए। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह कदम शांति प्रयासों में बाधा और आतंकवाद पर चुप्पी के चलते उठाया। अमेरिका ने नए वीजा आवेदनों को भी खारिज किया है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की आगामी उच्च स्तरीय बैठक से पहले अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फलस्तीनी अथॉरिटी (पीए) और फलस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (पीएलओ) के कई अधिकारियों के वीजा रद्द कर दिए हैं। इसके साथ ही कुछ नए वीजा आवेदन भी खारिज कर दिए गए हैं।
विदेश विभाग ने दी अहम जानकारी
फलस्तीन के यूएन राजदूत ने दी प्रतिक्रिया
इसके साथ ही अमेरिका के इस निर्णय पर फलस्तीन के संयुक्त राष्ट्र राजदूत रियाद मंसूर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस फैसले की जानकारी मिल गई है और अब वे इसके असर का आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास अगले महीने होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भाग लेने वाले हैं और वहां भाषण भी देंगे।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति अब्बास इसके अलावा 22 सितंबर को फ्रांस और सऊदी अरब द्वारा सह-अध्यक्षता की जा रही एक उच्च स्तरीय बैठक में भी हिस्सा लेंगे, जिसमें दो-राज्य समाधान यानी इस्राइल और स्वतंत्र फलस्तीन के सह-अस्तित्व पर चर्चा होगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इजरायली सेना ने गाजा के सबसे बड़े शहर को युद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया है और अमेरिका फलस्तीनी पक्ष पर दबाव बढ़ा रहा है।