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US Research: दुनिया में हिंदुओं के प्रति हिंसा 1000% बढ़ी, इन देशों में समुदाय के खिलाफ चल रहा नफरती एजेंडा

Thu, 22 Sep 2022 08:21 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

हिंदुओं के खिलाफ यह नफरत किस तरह पूरी दुनिया में फैल रही है? बीते वर्षों में कहां-कहां हिंदुओं के खिलाफ नफरती हिंसा में बढ़ोतरी दर्ज की गई? इसके अलावा हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने में सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे होता है? आइये जानते हैं...
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दुनियाभर में हिंदुओं के खिलाफ नफरती हिंसा में बढ़ोतरी हुई है। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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दुनियाभर में हिंदुओं के प्रति हिंसा में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सिर्फ पाकिस्तान या इस्लामिक देशों में ही नहीं, बल्कि पश्चिमी देशों में भी हिंदुओं के खिलाफ आक्रामक रवैये में इजाफा देखा गया है। अमेरिका के एक वैज्ञानिक रिसर्च संस्थान- नेटवर्क कंटैजियन रिसर्च इंस्टीट्यूट (Network Contagion Research Institute) की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। इसमें दावा किया गया है कि अमेरिका समेत पूरी दुनिया में हिंदू समुदाय के खिलाफ नफरत और हिंसा के मामलों में 1000 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। 
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पूरी दुनिया में हिंदुओं खिलाफ नफरत फैलाने वाले मिश्रित वर्गों से आते हैं। यानी इसके पीछे सिर्फ कोई एक धर्म या नस्ल विशेष जिम्मेदार नहीं है, बल्कि कई वर्ग शामिल हैं। हिंदुओं के खिलाफ यह नफरत किस तरह पूरी दुनिया में फैल रही है? बीते वर्षों में कहां-कहां हिंदुओं के खिलाफ नफरती हिंसा में बढ़ोतरी दर्ज की गई? इसके अलावा हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने में सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे होता है? आइये जानते हैं...
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हिंदुओं के खिलाफ कैसे पूरी दुनिया में फैल रही हिंसा?
नेटवर्क कंटैजियन रिसर्च इंस्टीट्यूट के सह-संस्थापक और प्रमुख विज्ञान अधिकारी जोएल फिंकेस्टाइन के मुताबिक, "हिंदू-विरोधी टिप्पणियों में बीते कुछ समय में ही एक हजार फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है। हिंदुओं के खिलाफ मीम्स और अन्य तरह की बयानबाजी गढ़कर उनके खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है। इसमें व्हाइट सुपरमेसिस्ट (नस्लभेदी श्वेत समुदाय) और इस्लाम से नाता रखने वाले सबसे आगे हैं। इसके अलावा अलग-अलग नस्लों में भी भारतीयों खासकर हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाई जाती है।"

पश्चिमी देशों में कैसे बढ़ाई जा रही हिंदुओं के खिलाफ नफरत?
संस्थान ने सोशल मीडिया चैनल्स के परिणात्मक विश्लेषण के आधार पर हिंदुओं के खिलाफ किए जा रहे प्रोपेगंडा का डेटा तैयार किया है। इसके मुताबिक, अमेरिका, भारत, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। खासकर अमेरिका में तो इस समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वालों की संख्या में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। एक सीमित अवधि के डेटा के मुताबिक, जहां अमेरिका में हिंदुओं के प्रति नफरत वाले 12 हजार कमेंट्स मिले तो वहीं अपने देश यानी भारत में ही हिंदू समुदाय के खिलाफ नफरत से जुड़े 5000 से ज्यादा टिप्पणियां हुईं। अगला नंबर आता है कनाडा और ब्रिटेन का। इस लिस्ट में भारत के पूर्व में स्थित ऑस्ट्रेलिया का भी नाम है, जहां हिंदुओं के खिलाफ दो हजार या इससे ज्यादा टिप्पणियां की गईं। 

हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने में पाकिस्तान की क्या भूमिका?
हिंदुओं के खिलाफ ट्विटर पर नफरती सामग्री प्रसारित करने में पड़ोसी देश का सबसे बड़ा हाथ है। स्टडी के मुताबिक, पाकिस्तान से हर दिन हिंदुओं के खिलाफ हजारों नफरत फैलाने वाले ट्वीट्स किए जाते हैं। पाकिस्तान में लाहौर, कराची के अलावा सियालकोट और रावलपिंडी भारत और हिंदू विरोधी कंटेंट का प्रचार करने में सबसे ज्यादा आगे हैं। कई बार यह काम करने वाले खुद को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और इमरान खान का समर्थक बताते हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 में आईएसआईएस द्वारा भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन की बमबारी के दौरान पाकिस्तान की लोकेशन से हिंदुओं के खिलाफ जबरदस्त ट्रेंड्स चलाए गए थे। इसके अलावा हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद इन्हीं कुछ लोकेशन से कश्मीर और मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर सोशल मीडिया पर हैशटैग चलाए गए। 
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स्टडी के मुताबिक, ऐसा ही एक नफरती अभियान दिल्ली में 2020 में हुई हिंसा के दौरान भी पाकिस्तान की लोकेशन से फैलाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के मद्देनजर हिंदू विरोधी कंटेंट को जबरदस्त तरीके से प्रचारित किया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसमें पाकिस्तान के साथ कुछ ईरानी ट्रोल्स का भी हाथ था। इन हैंडल्स से कई गलत जानकारियां फैलाई गईं, जैसे हिंदुओं ने दिल्ली की गलियों में मुस्लिमों की जान ली, आदि। रिपोर्ट में इससे जुड़े ट्वीट्स का भी जिक्र किया गया है।
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