अमेरिकी राजनीति में चीन को लेकर एक बार फिर सख्त रुख देखने को मिला है। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की कि वे चीन पर तत्काल कड़े प्रतिबंध और टैरिफ लगाएं। ग्राहम ने कहा कि चीन सस्ते रूसी तेल की खरीद कर सीधे-सीधे पुतिन की युद्ध मशीन को ईंधन दे रहा है। उनका यह बयान उस वक्त आया जब यूरोपीय संघ ने रूस से कारोबार करने वाली चीनी ऊर्जा कंपनियों पर नई पाबंदियां लगाई हैं।
ग्राहम ने ईयू के 19वें प्रतिबंध पैकेज का समर्थन किया और कहा कि अब अमेरिका को भी इसी राह पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने हाल ही में यूरोप से चीन पर 50 से 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का निर्देश दिया था और ईयू का नया फैसला उसी दिशा में बड़ा कदम है। ग्राहम ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि यह सही दिशा में अहम कदम है। अब अमेरिका की बारी है कि वह चीन पर टैरिफ और प्रतिबंध लगाए।
भारत पर लगे टैरिफ का उदाहरण दिया
ग्राहम ने आगे कहा कि ट्रंप का भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाना लाभकारी साबित होगा। उन्होंने लिखा कि जब भारत पर यह नीति लागू हो सकती है तो अब समय आ गया है कि चीन और रूस पर भी इसी तरह के टैरिफ और प्रतिबंध लगाए जाएं। ग्राहम के इस बयान को लेकर अमेरिकी राजनीति में नई बहस छिड़ गई है क्योंकि ट्रंप की नीतियां पहले से ही वैश्विक व्यापार पर बड़ा असर डाल रही हैं।
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टिकटॉक पर ट्रंप-शी जिनपिंग की डील
इसी बीच शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ फोन पर बातचीत की है और टिकटॉक के संचालन को लेकर समझौता हो गया है। ट्रंप ने कहा कि टिकटॉक का सौदा जल्द ही पूरा होगा और निवेशक इसके लिए तैयार हैं। हालांकि इस डील के ब्योरे अभी सामने नहीं आए हैं। ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग ने टिकटॉक डील को मंजूरी दे दी है और जल्द ही इस पर हस्ताक्षर होंगे।
यूरोपीय संघ ने रूसी एलएनजी आयात पर लगाई रोक
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने शुक्रवार को कहा कि अब नल बंद करने का समय आ गया है। उन्होंने घोषणा की कि यूरोपीय संघ अब रूसी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का आयात बंद करेगा। उन्होंने कहा कि रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था उसकी जीवाश्म ईंधनों से मिलने वाली कमाई पर निर्भर है और इस आय को रोकना जरूरी है। ईयू का यह पैकेज 2027 तक रूसी एलएनजी की खरीद पूरी तरह बंद करने की योजना भी शामिल करता है।
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नाटो देशों से भी तेल आयात रोकने की अपील
इससे पहले ट्रंप ने नाटो देशों को पत्र लिखकर रूस से तेल आयात बंद करने का आग्रह किया था। उन्होंने सुझाव दिया था कि नाटो समूह के रूप में चीन पर 50 से 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए। ट्रंप ने कहा था कि युद्ध खत्म होने के बाद ये टैरिफ वापस लिए जा सकते हैं। उनका मानना है कि ऐसे कदम रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में मददगार होंगे।