अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी की नेता निक्की हेली।
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अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार निक्की हेली ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 संभवतः चीनी प्रयोगशाला से आया है इसलिए चीन को दी जाने वाली अमेरिकी सहायता में कटौती की जानी चाहिए। हेली ने मंगलवार को ट्वीट किया, कोविड-19 संभवतः एक चीनी प्रयोगशाला से आया है। अमेरिकी सहायता में कटौती करें। कम्युनिस्ट चीन के लिए एक पैसा भी नहीं।
हेली ने हाल ही में कहा था कि सत्ता में आने पर वह अमेरिका से नफरत करने वाले देशों को मिलने वाली विदेशी सहायता में पूरी तरह कटौती करेंगी। इसमें चीन, पाकिस्तान और अन्य विरोधी शामिल हैं। उन्होंने कहा था कि अमेरिका एक मजबूत देश है और वह बुरे लोगों को भुगतान नहीं कर सकता है। इससे पहले भी हेली ने शनिवार को बाइडन प्रशासन की ओर से विदेश भेजी जा रही मदद को लेकर निशाना साधा था।
हेली के मुताबिक, अमेरिका ने पिछले साल विदेशी सहायता के नाम पर 46 अरब डॉलर खर्च किए, यह अब तक किसी भी अन्य देश से अधिक है। उन्होंने कहा कि मैं अपने दुश्मनों को मदद के तौर पर भेजी जा रही फंडिंग को पूरी तरह रोक दूंगी। उन्होंने कहा कि करदाताओं को यह जानने का अधिकार है कि यह पैसा कहां जा रहा है और इस पैसे से क्या हो रहा है। वे यह जानकर चौंक जाएंगे कि इसका अधिकांश हिस्सा अमेरिकी विरोधी देशों को फंडिंग करने में चला जाता है।
ग्रैंड ओल्ड पार्टी (जीओपी) की नेता हेली ने औपचारिक रूप से 15 फरवरी को 2024 के राष्ट्रपति पद के लिए अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने खुद को रिपब्लिकन पार्टी की नई पीढ़ी के नेता के रूप में मतदाताओं के सामने पेश किया, जो चुनाव में जीत सकती हैं। हेली रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होने वाली पहली भारतीय अमेरिकी महिला हैं। दक्षिण कैरोलिना की पूर्व गवर्नर और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत के रूप में काम कर चुकीं हेली ने खुद को रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक नया भविष्य गढ़ने वाले भारतीय प्रवासियों की गौरवशाली बेटी के रूप में पेश किया है।
ऑप-एड में हेली ने उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका ने पिछले कुछ वर्षों में ईरान को दो अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की सहायता राशि दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार ईरान में जानलेवा ठगों के करीब पहुंच रही है, जो अमेरिकी की मौत की कामना करते हैं और हमारे सैनिकों पर हमले करते हैं। हेली ने कहा कि बाइडन प्रशासन ने पाकिस्तान को फिर से सैन्य सहायता शुरू कर दी है, जबकि यह देश कम से कम एक दर्जन आतंकवादी संगठनों का घर है और यहां की सरकार पर चीन की गहरी पकड़ है। टीम बाइडन ने एक भ्रष्ट संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के लिए 50 करोड़ (आधा बिलियन) डॉलर बहाल किया जो फिलिस्तीनी लोगों की मदद करती है और वास्तव में हमारे सहयोगी इस्राइल के खिलाफ गहन यहूदी-विरोधी प्रचार को बढ़ावा देती है।