इस्राइल-हमास के बीच गाजा में चल रहे युद्ध को रोकने के प्रस्ताव पर हमास की शर्तों को अमेरिका ने नकार दिया है। ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि अमेरिका के युद्ध विराम प्रस्ताव पर हमास ने जो शर्तें लगाई हैं, वह किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह हमें केवल पीछे की ओर ले जाएंगीं।
गाजा में चल रहे करीब 20 महीने लंबे युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका ने संघर्ष विराम प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव पर हमास ने कुछ शर्तें लगाईं हैं। हमास ने कहा कि मध्यस्थों कतर और मिस्र को दिए गए उसके प्रस्ताव का उद्देश्य स्थायी युद्ध विराम प्राप्त करना है। इसके अलावा गाजा पट्टी से इस्राइली सेना की व्यापक वापसी करना और गाजा पट्टी में लोगों और परिवारों को सहायता मुहैया कराई जाए। हमास ने कहा कि इस समझौते के तहत हमास बंधक बनाए गए 10 जीवित इस्राइली कैदियों को रिहा करेगा और 18 शवों को लौटाया जाएगा। इसके बदले में सहमत संख्या में फलस्तीनी कैदियों को छोड़ा जाएगा।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने हमास की शर्तों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। विटकॉफ ने कहा कि हमास को निकटता वार्ता के आधार के रूप में हमारे प्रस्ताव को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मुझे संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रस्ताव पर हमास की प्रतिक्रिया मिली। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और हमें पीछे की ओर ले जाता है। हमास को उस रूपरेखा प्रस्ताव को स्वीकार करना चाहिए जिसे हमने निकटता वार्ता के आधार के रूप में आगे रखा है। इसे हम इस आने वाले सप्ताह में तुरंत शुरू कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इसी तरह हम आने वाले दिनों में 60 दिन का युद्ध विराम समझौता कर सकते हैं। इसमें आधे जीवित बंधक और आधे मृतक अपने परिवारों के पास लौट आएंगे और हम सद्भावनापूर्वक ठोस वार्ता कर सकेंगे, ताकि स्थायी युद्ध विराम पर पहुंचने का प्रयास किया जा सके।
इस्राइल ने दी मंजूरी
इस्राइल ने अमेरिका के संघर्ष विराम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत हमास 10 इस्राइली बंधकों और 18 मृतक बंधकों को रिहा करेगा। इसके बदले में इस्राइल आजीवन कारावास की सजा काट रहे 125 फलस्तीनी कैदियों और युद्ध शुरू होने के बाद से हिरासत में लिए गए 1,111 गाजावासियों को रिहा करेगा।
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अमेरिका के प्रस्ताव में शामिल
अमेरिकी प्रस्ताव के अनुसार 60 दिवसीय युद्ध विराम के पहले दिन ही स्थायी युद्ध विराम पर बातचीत शुरू हो जाएगी। हालांकि प्रस्ताव में युद्ध के स्थायी अंत की कोई गारंटी नहीं दी गई है और न ही यह बताया गया है कि 60 दिन का युद्ध विराम बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा प्रस्ताव में गाजा से बंधकों की रिहाई, हमास के ठिकानों पर हमलों को रोकना, गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाना, भविष्य में स्थायी समाधान के लिए बातचीत की योजना बनाना शामिल है।