अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वॉशिंगटन की एनएफएल टीम कमांडर्स को अपना पुराना नाम रेडस्किन्स वापस लेने की सार्वजनिक मांग ने अमेरिका के खेल और राजनीतिक जगत में हलचल मचा दी है। इस बयान के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने साफ किया कि ट्रंप इस मुद्दे पर मजाक नहीं कर रहे हैं, बल्कि पूरी तरह गंभीर हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से वॉशिंगटन की एनएफएल फुटबॉल टीम कमांडर्स को लेकर दिए गया बयान ने अमेरिका के खेल जगत में चर्चाओं के बाजार को गर्म कर दिया है। ऐसे में व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस मामले में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे पर बिल्कुल गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि खेलों को लेकर ट्रंप का गहरा लगाव है और वो चाहते हैं कि टीम अपना पुराना नाम वापस ले।
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बता दें कि मामले में चर्चा तेज तब हो गई जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन की एनएफलएल फुटबॉल टीम कमांडर्स को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अगर टीम अपना पुराना नाम 'रेडस्किन्स' वापस नहीं लाती, तो वो वॉशिंगटन डीसी में बनने वाले नए स्टेडियम की डील को रोक सकते हैं। ऐसे में लेविट ने कहा कि ट्रंप एक अपरंपरागत राष्ट्रपति हैं और वो ऐसे मुद्दों पर भी बोलते हैं जो आमतौर पर दूसरे राष्ट्रपति नहीं छूते। उनका मानना है कि देश के कई खेल प्रेमी उनके इस फैसले के साथ हैं।
समझिए क्या है नाम बदलने की कहानी?
गौरतलब है कि 1999 से फुटबॉल टीम रेडस्किन्स के मालिक रहे डैन स्नाइडर ने पहले कहा था कि नाम कभी नहीं बदलेंगे, लेकिन 2020 में विरोध और स्पॉन्सर कंपनियों के दबाव के चलते उन्होंने नाम बदल दिया। पहले दो साल टीम का नाम वॉशिंगटन फुटबॉल टीम रखा गया और 2022 में नया नाम "कमांडर्स" रखा गया। अब टीम के नए मालिक जोश हैरिस ने साफ कर दिया है कि नाम नहीं बदलेगा और कमांडर्स ही टीम का नाम रहेगा।
मूल अमेरिकी संगठनों का विरोध
हालांकि ट्रंप के बयान पर कुछ संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। एक संगठन की सह-संस्थापक सवाना रोमेरो ने कहा कि हम कोई मास्कॉट नहीं हैं। हमारे समुदाय का मजाक उड़ाना गलत है। नेशनल कांग्रेस ऑफ अमेरिकन इंडियंस ने भी कहा कि इस तरह के नाम और प्रतीक मूल अमेरिकी लोगों का अपमान करते हैं। कुछ फैंस ने ट्रंप की बात को नजरअंदाज किया। एक फैन एंडर टुंचे ने कहा कि यह ट्रंप की एक और बेवकूफी है। इससे असली मुद्दों से ध्यान भटकता है। वहीं, कुछ पुराने फैंस ने आरएफके स्टेडियम की यादें भी साझा कीं।