अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज अमेरिका के साथ ब्रिटेन, चीन, इंडोनेशिया जैसे देशों के व्यापार समझौते का जिक्र किया। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मीडिया के सामने कहा, अमेरिका ने यूरोपीय यूनियन (EU) समेत कई देशों के साथ ऐतिहासिक व्यापार समझौते किए हैं। ट्रंप के मुताबिक इन समझौतों के बाद अब अमेरिकी खजाने में अरबों डॉलर का राजस्व आ रहा है।
यूरोपीय संघ समेत इन देशों के साथ ऐतिहासिक व्यापार समझौते
ट्रंप ने कहा, 'हमने यूनाइटेड किंगडम, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ के साथ ऐतिहासिक व्यापार समझौते किए हैं। समझौते के बाद इन देशों से हमारे खजाने में सीधे सैकड़ों अरब डॉलर का भुगतान आ रहा है... हमें खरबों डॉलर मिल रहे हैं, अरबों से भी कहीं अधिक।'
ये भी पढ़ें: Gaza Ceasefire: संघर्षविराम पर इस्राइल की चुप्पी से कतर नाराज; इस्राइली रक्षा मंत्री और IDF प्रमुख के बीच बैठक
भारतीय वस्तुओं पर आज से लागू होगा अतिरिक्त टैरिफ
इससे पहले, अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) ने भारत से आने वाले सामान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने वाला एक मसौदा नोटिस जारी किया था। यह कदम ट्रंप के 6 अगस्त को जारी कार्यकारी आदेश के बाद उठाया गया, जिसका मकसद रूस से जुड़े खतरों को लेकर अमेरिकी हितों की रक्षा करना बताया गया। नोटिस में कहा गया कि अब भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाकर 50 फीसदी किया जा रहा है। यह नियम 27 अगस्त से लागू होगा। 27 अगस्त से अमेरिका में बिकने वाले या गोदाम से निकाले जाने वाले हर भारतीय उत्पाद पर यह ऊंचा टैक्स देना होगा।
ट्रंप ने 30 जुलाई को 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की थी
इससे पहले, ट्रंप ने 30 जुलाई को घोषणा की थी कि भारत से आने वाले सामान पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। उस समय उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा था, 'भारत हमारा दोस्त है, लेकिन उसके टैरिफ बहुत ज्यादा हैं, दुनिया में सबसे ऊंचे। वे व्यापार में बहुत सारी बाधाएं डालते हैं। इसके अलावा, वे ज्यादातर हथियार रूस से खरीदते हैं और रूस-चीन से ऊर्जा भी लेते हैं, जबकि पूरी दुनिया चाहती है कि रूस यूक्रेन में युद्ध बंद करे। इसलिए भारत को 25% टैरिफ और जुर्माना देना होगा।'
ये भी पढ़ें: Bolivia: आम चुनाव में किसी दल को बहुमत नहीं, दो दशक से सत्तारूढ़ MAS का जनाधार खिसका; अब 19 अक्तूबर को फैसला
पीएम मोदी ने अमेरिका के फैसले का दिया जवाब
इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के इस फैसले का जवाब देते हुए कहा, 'चाहे कितना भी दबाव आए, भारत उसका डटकर सामना करेगा। आज, आत्मनिर्भर भारत अभियान को गुजरात से बहुत ऊर्जा मिल रही है और इसके पीछे दो दशकों की कड़ी मेहनत है।' इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार को लेकर तनाव और बढ़ गया है।